Rahul Gandhi Bihar Rally Controversy? “‘सेना में 10% का कब्जा, 90% हैं वंचित!’ — बिहार में राहुल गांधी के बयान से मचा देशभर में बवाल | Rahul Gandhi Bihar Rally”
“Rahul Gandhi statement on Indian Army in Bihar rally 2025 controversy”
Rahul Gandhi Bihar Rally Controversy?

Rahul Gandhi Bihar Rally Controversy? “Rahul Gandhi statement on Indian Army in Bihar rally 2025 controversy”
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Rahul Gandhi Bihar Rally Controversy? औरंगाबाद, बिहार।
Rahul Gandhi Bihar Rally Controversy? बिहार के औरंगाबाद में मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान से देशभर में राजनीतिक भूचाल मच गया है।
Rahul Gandhi Bihar Rally Controversy? लोकसभा में विपक्ष के नेता ने अपनी रैली के दौरान दावा किया कि भारतीय सेना देश की मात्र 10 प्रतिशत आबादी के नियंत्रण में है, जबकि बाकी 90 प्रतिशत दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों का प्रतिनिधित्व लगभग न के बराबर है।
Rahul Gandhi Bihar Rally Controversy? उनका यह बयान आते ही भाजपा समेत कई दलों ने कांग्रेस नेता पर “देश विरोधी” और “भ्रामक” बयान देने का आरोप लगाया है।
अब यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन चुका है।
?️ “देश की 90% आबादी को कोई प्रतिनिधित्व नहीं” — राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कुटुम्बा विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा —
“अगर आप गौर करें, तो भारत की 90 प्रतिशत आबादी दलित, महादलित, पिछड़ी, अति पिछड़ी या अल्पसंख्यक समुदायों से है। लेकिन देश की टॉप 500 कंपनियों में, सेना में या बड़े सरकारी संस्थानों में आपको इन समुदायों का प्रतिनिधित्व लगभग न के बराबर मिलेगा।”
उन्होंने आगे कहा —
“देश की 10 प्रतिशत आबादी सबकुछ नियंत्रित कर रही है — नौकरियां, व्यापार, और सत्ता। हम ऐसा भारत चाहते हैं जिसमें बाकी 90 प्रतिशत लोगों को भी समान अधिकार और सम्मान मिले।”
इस बयान ने न सिर्फ बिहार के चुनावी माहौल में हलचल मचा दी है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई बहस छेड़ दी है।
⚔️ भाजपा का पलटवार – “राहुल गांधी ने सेना का अपमान किया”
राहुल गांधी के इस बयान पर भाजपा नेता सुरेश नखुआ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा —
“राहुल गांधी अब भारतीय सेना में भी जाति देखने लगे हैं। प्रधानमंत्री मोदी से नफरत करते-करते अब वह भारत से नफरत करने की हद पार कर चुके हैं।”
भाजपा ने इसे सेना के मनोबल पर हमला बताया है। पार्टी के प्रवक्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी जानबूझकर संवेदनशील संस्थानों को बदनाम कर रहे हैं ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके।
? राहुल गांधी का तर्क — “आरक्षण और समानता पर फिर बहस जरूरी”
कांग्रेस नेता का कहना है कि उन्होंने कोई संस्था को निशाना नहीं बनाया, बल्कि देश में “अवसरों की असमानता” को उजागर किया है।
राहुल गांधी का तर्क था कि जब 90% आबादी सामाजिक रूप से पिछड़ी है, तो उन्हें कॉर्पोरेट, नौकरियों और सेना में भी समान प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा —
“हमारा संघर्ष सत्ता पाने का नहीं, बल्कि समाज में बराबरी लाने का है। जो 90% भारत पीछे रह गया है, उसे आगे लाने की लड़ाई हम लड़ रहे हैं।”
⚖️ सुप्रीम कोर्ट की पुरानी फटकार फिर चर्चा में
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी सेना या सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विवाद में आए हों।
पिछले साल भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था कि “चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सैनिकों की पिटाई कर रहे हैं।”
इसी बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने इस साल अगस्त में राहुल गांधी को फटकार लगाई थी।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की पीठ ने उनसे कहा था —
“क्या आपके पास सबूत हैं कि चीन ने भारतीय जमीन पर कब्जा किया है? अगर नहीं, तो ऐसे गैरजिम्मेदार बयान क्यों दिए गए?”
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि “लोकसभा में विपक्ष के नेता को इंटरनेट पर नहीं, संसद में बोलना चाहिए।”
? राजनीतिक सियासत गरमाई — कांग्रेस ने दी सफाई
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने राहुल गांधी के बयान का बचाव करते हुए कहा —
“राहुल जी ने कोई संस्था का अपमान नहीं किया। उन्होंने सिर्फ यह बताया कि देश में अवसरों की असमानता कितनी गहरी है। भाजपा जानबूझकर उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।”
खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस समान अवसरों और सामाजिक न्याय की नीति पर चलती है, और राहुल गांधी उसी भावना को सामने रख रहे हैं।
? “बिहार बना राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र”
बिहार में चल रहे चुनाव के बीच राहुल गांधी का यह बयान भाजपा बनाम महागठबंधन की जंग को और तीखा कर गया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि “राहुल गांधी ने जाति आधारित जनसंख्या और प्रतिनिधित्व के मुद्दे को फिर से राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है।”
कांग्रेस और राजद दोनों ही इस मुद्दे को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं।
वहीं भाजपा इस बयान को “राष्ट्रविरोधी” करार देते हुए जनता के सामने इसे मुद्दा बनाएगी।
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Rahul Gandhi is now searching for a caste in Armed Forces and says 10% of people control it.
In his hate for PM Modi, he has already crossed the line of hating India.#BiharElection2025 pic.twitter.com/Ezpx16yLD5
— Suresh Nakhua ?? (@SureshNakhua) November 4, 2025
? सोशल मीडिया पर बवाल – #RahulGandhi ट्रेंड में
Rahul Gandhi Bihar Rally Controversy? राहुल गांधी का यह बयान ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर टॉप ट्रेंड बन चुका है।
#RahulGandhi, #IndianArmy, #BiharRally, और #90PercentIndia जैसे हैशटैग पर लाखों ट्वीट्स किए जा चुके हैं।
कुछ लोगों ने राहुल गांधी के “सामाजिक प्रतिनिधित्व” की बात का समर्थन किया, जबकि बड़ी संख्या में यूज़र्स ने इसे “सेना का अपमान” बताया।
कई पूर्व सैनिकों ने भी ट्वीट कर कहा कि “सेना में कभी जाति या धर्म नहीं देखा जाता, सिर्फ देश सेवा ही पहचान होती है।”

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