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बिलकिस बानो केस में रिहा आरोपियों के खिलाफ बिलासपुर में प्रदर्शन, कैंडल मार्च bilakis baano kes mein riha aaropiyon ke khilaaph bilaasapur mein pradarshan, kaindal maarch

बिलासपुर | [छत्तीसगढ़ बुलेटिन] | बिलकिस बानो केस में जिस तरह से 11 आरोपियों को गुजरात भाजपा सरकार ने माफी नीति के तहत रिहा कर दिया उनकी रिहाई को लेकर देश भर में ज़बरदस्त बहस छिड़ गई है। देश के तमाम कार्यकर्ताओं और इतिहासकारों सहित 6,000 से ज़्यादा लोगों ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में दोषियों की रिहाई को रद्द करने की अपील की है।

 

इसी कड़ी में बिलासपुर के “मेरी रात मेरी सड़क” समूह के लोगों ने देवकीनंदन चौक से रैली निकालकर गोलबाजार होते हुए गीत कविता, भाषण के माध्यम से गुरुवार को इस पूरे घटना के विरोध में कैंडल मार्च कर अपना विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में आम लोगों ने भी इस प्रतिरोध में शामिल होकर रिहा किए। सभी 11 दोषियों के खिलाफ फिर से सजा का प्रावधान शुरू करने की मांग की।

 

मेरी रात मेरी सड़क संस्था के पदाधिकारियों को कहना है कि जिस तरह से दुष्कर्म जैसे घिनौने मामले में आरोपी बनाए गए लोगों को जेल से रिहा होने के बाद माला पहनाकर, मिठाई खिलाकर, महिमामंडन किया जा रहा है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और घिनौना कृत्य है।

वहीं पिछले कुछ सालों में देखा जाए तो इस तरह का चलन बन गया है कि दुष्कर्म जैसे मामलों में जेल से रिहा हुए आरोपियों का जोरदार स्वागत किया जा रहा है जो गलत है। इन घटनाओं से महिला अपराध में वृद्धि होगी।ऐसी घटनाएं पूरे देश को शर्मसार करने वाली है। इन मामलों में संवेदनशील बनने की जरूरत है ना कि दोषियों के स्वागत सत्कार की।

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प्रदर्शन में नंद कश्यप, हृतिका सिंह, सिल्विया गिरेवाल, कैसर खान, डॉ रश्मि बुधिया, पीहू, राजदीप शर्मा, आज़म, संतोष बंजारे, हीरो सोनवानी, सुखउ निषाद, राकेश लोनिया, ओम प्रकाश गंगोत्री, मुमताज अनवर खान, ओम बघेल, विवेक यादव, गुलाम गौश, आशना जायसवाल, असीम तिवारी सहित ढेरो साथीगण व आमजन शामिल हुए।

 

 

Demonstration, candle march in Bilaspur against the accused released in the Bilkis Bano case

 

 

Bilaspur | [Chhattisgarh Bulletin] | The way in which the 11 accused in the Bilkis Bano case were released by the Gujarat BJP government under the amnesty policy, there has been a fierce debate across the country regarding their release. More than 6,000 people, including activists and historians from across the country, have appealed to the Supreme Court to annul the release of the convicts in the case.

 

In this episode, the people of the “Meri Raat Meri Sadak” group of Bilaspur took out a rally from Devkinandan Chowk and protested against this whole incident on Thursday by means of song, poetry, speech and candle march. During this, a large number of common people also joined this resistance and released them. Demanded to start the provision of punishment again against all the 11 convicts.

 

On my night, I have to say to the officials of my road organization that the way people who have been accused in a heinous case like rape are being glorified by garlanding them, feeding them sweets after being released from jail. This is a very unfortunate and despicable act.

At the same time, if seen in the last few years, it has become such a trend that in cases like rape, the accused who have been released from jail are being strongly welcomed, which is wrong. These incidents will increase the crime of women. Such incidents are going to shame the whole country. There is a need to be sensitive in these matters and not to welcome the guilty.

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Nand Kashyap, Hritika Singh, Sylvia Girewal, Kaiser Khan, Dr. Rashmi Budhia, Pihu, Rajdeep Sharma, Azam, Santosh Banjare, Hero Sonwani, Sukhu Nishad, Rakesh Lonia, Om Prakash Gangotri, Mumtaz Anwar Khan, Om Baghel, Vivek Yadav , Ghulam Gaush, Aashna Jaiswal, Aseem Tiwari, including many colleagues and common people attended.

 

 

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