Constitution of India- भारतीय संविधान: दुनिया के अलग-अलग देशों से ली गई खासियतों का अनोखा संगम
Constitution of India-

Constitution of India – भारत का संविधान न केवल दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है, बल्कि यह कई देशों के बेहतरीन प्रावधानों और सिद्धांतों का अनूठा मिश्रण भी है। संविधान दिवस के मौके पर आइए जानते हैं, भारतीय संविधान में किन-किन देशों की कौन-सी खूबी को शामिल किया गया है और इसे तैयार करने की यात्रा कैसी रही।
संविधान की शुरुआत: आजादी के बाद का ऐतिहासिक कदम
Constitution of India – आजादी के बाद, अंग्रेजों के बनाए कानूनों से देश को मुक्त कराने और एक स्वतंत्र राष्ट्र के लिए उचित नियम-कानून स्थापित करने की जरूरत महसूस हुई। इसके लिए संविधान सभा का गठन किया गया। संविधान निर्माण में 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे। 26 नवंबर 1949 को इसे अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।
डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान निर्माता समिति के अध्यक्ष, और संविधान सभा के सदस्य विभिन्न देशों के संविधान और कानूनों का अध्ययन कर भारत के लिए एक मजबूत, लचीला और समावेशी संविधान तैयार करने में सफल हुए।

भारतीय संविधान में शामिल अलग-अलग देशों की विशेषताएं
1. ब्रिटेन
- संसदीय सरकार की व्यवस्था।
- कैबिनेट सिस्टम और विधायी प्रक्रिया।
- एकल नागरिकता (Single Citizenship)।
- कानून का शासन और संसदीय विशेषाधिकार।
- द्विसदन व्यवस्था (लोकसभा और राज्यसभा)।
- विशेषाधिकार रिट (Rights Writs)।
2. अमेरिका
- मौलिक अधिकार (Fundamental Rights)।
- राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की शक्तियां।
- राष्ट्रपति पर महाभियोग प्रक्रिया।
- न्यायपालिका की स्वतंत्रता।
- न्यायिक समीक्षा (Judicial Review)।
- संविधान की प्रस्तावना।
- सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया।
3. आयरलैंड
- राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy)।
- राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के सदस्यों का नामांकन।
- राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया।

4. कनाडा
- संघीय शासन प्रणाली, जिसमें केंद्र को अधिक शक्तियां दी गईं।
- राज्यपाल की नियुक्ति का अधिकार।
- सुप्रीम कोर्ट का सलाहकार क्षेत्राधिकार।
5. ऑस्ट्रेलिया
- समवर्ती सूची की अवधारणा।
- व्यापार और वाणिज्य की स्वतंत्रता।
- संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक।
6. फ्रांस
- स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्श।
- गणतंत्र की अवधारणा।
7. सोवियत संघ (अब रूस)
- नागरिकों के मौलिक कर्तव्य।
- प्रस्तावना में न्याय का आदर्श।

8. जर्मनी
- आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन।
9. दक्षिण अफ्रीका
- राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव।
- संविधान में संशोधन की प्रक्रिया।
10. जापान
- कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया की अवधारणा।
11. भारत सरकार अधिनियम, 1935
- संघीय योजना।
- राज्यपाल का कार्यालय।
- न्याय तंत्र और लोकसेवा आयोग।
- आपातकालीन प्रावधान और प्रशासनिक विवरण।

संविधान निर्माण की यात्रा
- पहला कदम: संविधान सभा के पहले अध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा थे, जिन्हें बाद में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने रिप्लेस किया।
- प्रमुख भूमिका: डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्मात्री समिति ने भारतीय विविधता को ध्यान में रखते हुए प्रावधानों को शामिल किया।
- समापन: 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने मसौदे पर हस्ताक्षर किए।
संविधान दिवस और गणतंत्र दिवस: दो खास तारीखें
- 26 नवंबर: संविधान अपनाने की ऐतिहासिक तारीख को हर साल संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- 26 जनवरी: संविधान को लागू करने के दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारतीय संविधान: एक अनोखा दस्तावेज
Constitution of India – भारतीय संविधान न केवल दुनिया के विभिन्न लोकतांत्रिक और प्रशासनिक प्रणालियों का सार है, बल्कि यह भारत की विविधता और विशिष्टता का भी प्रतीक है। यह प्रगतिशील और स्थिर लोकतंत्र की नींव रखता है।
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