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सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ हाई कोर्ट के फैसले को पलटा, राज्य सरकार को मीसाबंदियों के मामले में मिली राहत | ऑनलाइन बुलेटिन

नई दिल्ली / बिलासपुर | [कोर्ट बुलेटिन] | cg news: छत्तीसगढ़ के मीसाबंदियों के पेंशन रोके जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से छत्तीसगढ़ शासन को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाया है. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मीसाबंदियों को पेंशन देने शासन को जनवरी 2022 को आदेश दिया था. इस आदेश को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी.

 

2019 में राज्य शासन ने मीसाबंदियों की भौतिक सत्यापन और समीक्षा के लिए पेंशन पर रोक लगाया था. शासन द्वारा लगाए गए रोक को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी.

 

छत्तीसगढ़ में डॉ. रमन सिंह की भाजपा शासन काल में मीसाबंदियों को पेंशन देने की सुविधा शुरू की गई थी. छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद कांग्रेस की भूपेश सरकार ने इसे बंद कर दिया था. पेंशन बंद होने के बाद राज्य सरकार के आदेश के खिलाफ मीसाबंदियों ने छत्तीसगढ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस मामले में हाईकोर्ट ने मीसाबंदियों के हक में जनवरी 2022 को निर्णय सुनाया था.

 

हाईकोर्ट ने मीसाबंदियों को पेंशन की सुविधा देने का आदेश सुनाया था. चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने मीसाबंदियों को अपने निर्णय से बड़ी राहत दी थी. इससे पहले भी सिंगल बेंच ने भी मीसाबंदियों को राहत दी थी और उनके हक में फैसला सुनाया था, जिसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने डबल बेंच में अपील की थी.

 

30 से ज्यादा मीसाबंदियों ने पेंशन की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है.

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