उसका सितम इनायत से कम नहीं…

🔊 Listen to this ©रामकेश एम यादव परिचय- मुंबई, महाराष्ट्र.     सैकड़ों तीर उसे चलाना आ गया, जैसे मेरे घर मयखाना आ गया। बढ़ती जब तलब आती है मेरे घर, उसको भी दिल लगाना आ गया।   छोटे – सी थी अब हो गई है बड़ी, वादा उसे भी निभाना आ गया। करते थे … Continue reading उसका सितम इनायत से कम नहीं…