Jashpur Jaimarga ancient civilization Explore- छत्तीसगढ़ का छिपा खजाना,  जशपुर के जयमरगा में प्राचीन सभ्यता के शैलचित्र और अद्भुत पुरातात्विक धरोहर

Jashpur Jaimarga ancient civilization Explore-

Jashpur Jaimarga ancient civilization Explore- छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला न केवल अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी पुरातात्विक संपदा भी इसे विशिष्ट बनाती है। यहां के हरे-भरे जंगल, झरने और पहाड़ हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। जशपुर में स्थित जयमरगा गांव इसी तरह के ऐतिहासिक धरोहरों का गढ़ है, जहां प्रागैतिहासिक शैलचित्र, पत्थर के औजार, और अन्य पुरातात्विक अवशेष पाए गए हैं। इस स्थान ने भारत की प्राचीन सभ्यता के बारे में नई जानकारियां दी हैं और इतिहास प्रेमियों के लिए एक रोचक स्थल बन गया है।

जयमरगा गांव: प्राचीन संस्कृति का खजाना

Jashpur Jaimarga ancient civilization Explore- जयमरगा गांव, जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों का उत्कृष्ट उदाहरण है। गढ़पहाड़ के नाम से मशहूर इस पहाड़ी पर चढ़ाई कर पर्यटक उस गुफा तक पहुंच सकते हैं, जहां प्राचीन मानवों द्वारा बनाए गए अद्भुत शैलचित्र देखे जा सकते हैं। यह गुफाएं इस बात का प्रमाण हैं कि यहां प्राचीन सभ्यता का विकास हुआ और उन्होंने यहां कला और सांस्कृतिक प्रतीकों को जीवंत किया।

जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर जयमरगा गांव है। ग्राम पंचायत डड़गांव का यह आश्रित गांव जयमरगा मनोरा विकासखंड के अंतर्गत आता है। गांव की आबादी लगभग 1400 है। इस गांव तक पहुंचने के लिए सड़कें बनी हुई है। जयमरगा पहुंचने पर यहां की गढ़पहाड़ पर लगभग 300 मीटर तक चढ़ाई करने के बाद इस गुफा तक पहुंचा जा सकता है। इस गुफा में ही आदिमकालीन शैलचित्र बने हुए हैं। ग्रामीण यहां पर पूजा भी करते हैं।

 

शैलचित्रों में छिपी है इतिहास की झलक

Jashpur Jaimarga ancient civilization Explore- गढ़पहाड़ की गुफाओं में पाए गए शैलचित्रों में मानव आकृतियां, पशु चित्र, और कुछ ज्यामितीय आकृतियां शामिल हैं, जो लाल और सफेद रंगों में अंकित हैं। पुरातत्त्ववेत्ताओं का मानना है कि ये चित्र आदिम मानवों की कला और उनके जीवन का एक हिस्सा थे। यहां की गुफाओं में चित्रित बैल, तेंदुआ, हिरण, और विभिन्न मानव आकृतियां उस समय के शिकार जीवन और धार्मिक मान्यताओं का संकेत देती हैं। शैलचित्रों में कई ऐसी तस्वीरें हैं जो उस समय की परंपराओं, शिकार तकनीकों, और धार्मिक प्रतीकों को दर्शाती हैं।

माइक्रोलिथिक औजारों का संग्रह

Jashpur Jaimarga ancient civilization Explore- जयमरगा की गुफा में शैलचित्रों के अलावा माइक्रोलिथिक औजार भी मिले हैं, जिनमें स्क्रैपर, पॉइंट, और ब्लेड जैसे उपकरण शामिल हैं। इन औजारों का उपयोग प्राचीन मानवों द्वारा शिकार, चमड़ा तैयार करने, और अन्य दैनिक कार्यों में किया जाता था। हेमाटाइट पत्थर भी यहां मिला है, जिसका उपयोग चित्रों में रंग भरने के लिए किया जाता था। ये औजार न केवल प्राचीन मानवों की दैनिक गतिविधियों का ब्योरा देते हैं, बल्कि उनके उन्नत शिकार-कौशल का भी प्रमाण हैं।

 

मध्य पाषाण काल के उपकरण भी मिले

पुरातत्त्ववेत्ता डॉ. अंशुमाला तिर्की और बालेश्वर कुमार बेसरा ने बताया कि, जयमरगा गाँव में प्रागैतिहासिक स्थलों की भरमार है। यहाँ पहाड़, जंगल और नदी के कारण प्रागैतिहासिक मनुष्यों के जीवन के लिए आवश्यक भोजन, पानी और आश्रय की उपलब्धता थी। इस गाँव में एक प्रागैतिहासिक शैलचित्र गुफा है। जहाँ मध्य पाषाण काल के उपकरण भी मिले हैं। शैलचित्र में मानव आकृतियाँ, पशु आकृतियाँ, ज्यामितीय आकृतियाँ और कुछ अज्ञात आकृतियाँ दिखाई देती हैं। ये चित्र लाल और सफेद रंग से बने हैं।

पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष आकर्षण

Jashpur Jaimarga ancient civilization Explore- जयमरगा की पुरातात्विक धरोहर न केवल ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। गढ़पहाड़ और शैलचित्रों को देखने के लिए यहां साल भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। यह स्थल स्थानीय ग्रामीणों के लिए भी धार्मिक महत्व रखता है, जो यहां पूजा करने आते हैं।

प्राचीन संस्कृति और सभ्यता को संरक्षित करने की आवश्यकता

Jashpur Jaimarga ancient civilization Explore- जयमरगा की पुरातात्विक धरोहरें हमें प्राचीन मानव जीवन और उनकी सांस्कृतिक विरासत के बारे में बहुत कुछ सिखाती हैं। हालांकि, इन धरोहरों की सुरक्षा और संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इन अद्भुत स्थलों को शोध और पर्यटन के लिए संरक्षित रखा जा सके।

 

Jashpur Jaimarga ancient civilization Explore- छत्तीसगढ़ के इस क्षेत्र में छिपी अनूठी सभ्यता के अवशेष न केवल हमारे इतिहास को उजागर करते हैं, बल्कि स्थानीय और बाहरी पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं। जयमरगा, अपने गढ़पहाड़ और शैलचित्रों के माध्यम से, पुरातन समय की एक झलक प्रस्तुत करता है जो हर इतिहास प्रेमी को अपनी ओर खींचता है।

शिकार में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री भी मिली

Jashpur Jaimarga ancient civilization Explore- गुफा पर एक जगह ऐसी है, जाहां से पहरेदारी की जाती रही होगी। जहाँ से प्रागैतिहासिक लोग शिकार के लिए जानवरों पर नज़र रखते रहे होंगे। यहाँ हेमाटाइट पत्थर भी पाया जाता है, जिसका उपयोग रंग बनाने में होता था। इन चित्रों में कुछ प्रारंभिक काल के हैं और कुछ बाद के। यहाँ बैल, तेंदुआ, हिरण और मानव आकृतियाँ बनी हुई हैं। यहाँ माइक्रोलिथिक उपकरण जैसे लुनैट, स्क्रैपर, पॉइंट, ट्रैपेज, साइड स्क्रैपर, ब्लेड आदि भी पाए जाते हैं, जो शिकार और अन्य कार्यों के लिए प्रयोग किए जाते थे।

 

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