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बताया ना गया bataaya na gaya

©भरत मल्होत्रा

परिचय– मुंबई, महाराष्ट्र


 

 

हाल-ए-दिल तुमसे छुपाना था छुपाया ना गया

बहुत कुछ तुमको बताना था बताया ना गया

 

 

गुफ्तगू होती रही यूं तो तुमसे देर तलक

मगर जो हमको सुनाना था सुनाया ना गया

 

 

दिल के आईने के कर दिए टुकड़े लाखों

अक्स जो तेरा मिटाना था मिटाया ना गया

 

 

मय में डूब कर बाकी तो सब भूले लेकिन

जिस संगदिल को भुलाना था भुलाया ना गया

 

 

तुम जो चाहते थे मिल भी जाता वो तुमको

तुम्हें जब कदम बढ़ाना था बढ़ाया ना गया …

 

 

भरत मल्होत्रा

Bharat Malhotra

 

 

not told

 

Hal-e-Dil had to be hidden from you, it was not hidden
I had to tell you a lot, I wasn’t told

If you keep talking like this, then you are late
But what we wanted to hear was not narrated

Heart’s mirror has been cut into millions
Ax that was meant to be erased by you was not erased

By drowning in my mind, everyone else is forgotten but
The heart that was to be forgotten was not forgotten

You would have got what you wanted
When you had to step up, it was not extended…

 

 

सांसें बनके मैं रहूं saansen banake main rahoon

 

 

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