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कीमियागर keemiyaagar

©कुमार अविनाश केसर

परिचय– मुजफ्फरपुर, बिहार


 

 

दिल को बहलाने का हुनर जानते हैं वो।

ख़ुद को बड़ा कीमियागर मानते हैं वो।

 

हाथ की सफाई में बड़े लाज़वाब हैं।

कहीं ख़ुद को ज़ादूगर तो नहीं मानते हैं वो।

 

कुछ भी नहीं करते वो भलाई के वास्ते।

सबको एक चाल में ही बाँधते हैं वो।

 

देखा नहीं है ज़िन्दगी में आईना जिसने।

ख़ुदको सबका आईना ही मानते हैं वो।

 

कौआ बसा है हंस ही की खाल में ‘केसर’।

कौड़ियों को चुन के हंस मानते हैं वो।

 

 

कुमार अविनाश केसर

Kumar Avinash Kesar

 

 

alchemist

 

 

He knows the skill to entertain the heart.
He considers himself a great alchemist.

They are great at sleight of hand.
Somewhere they do not consider themselves to be magicians.

They do nothing for the sake of good.
He ties everyone together in one move.

Who has not seen the mirror in life.
He considers himself the mirror of everyone.

The crow has settled in the skin of the swan ‘saffron’.
They choose cows and consider them to be swans.

 

 

जीवन साथी jeevan saathee

 

 

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