देखो हर अल्फ़ाज़ मेरे…

Listen to this ©गायकवाड विलास परिचय- मिलिंद महाविद्यालय लातूर, महाराष्ट्र   शहर की हवाओं ने गांव को भी बक्शां नहीं, गांव में भी अब लोग बंद खिड़कियों से देखने लगे है।   धरती वही आसमां भी वही है सदियों पुराना, सिर्फ आज यहां पे लोगों की नीतियां बदली हुई है।   कारवां कल भी था,कारवां … Continue reading देखो हर अल्फ़ाज़ मेरे…