Mayawati attack on SP-Congress-?️ मायावती का बड़ा हमला: कांशीराम के नाम पर सपा-कांग्रेस का ‘वोटबैंक दिखावा’, जनता हुई चौंक!

Mayawati attack on SP-Congress-?️

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मायावती का बड़ा हमला: कांशीराम के नाम पर सपा-कांग्रेस का ‘वोटबैंक दिखावा

Mayawati attack on SP-Congress-?️ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सनसनी फैला दी है। कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस 9 अक्टूबर से ठीक दो दिन पहले मायावती ने सपा (समाजवादी पार्टी) और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उनका कहना है कि ये पार्टियां हमेशा से जातिवादी और द्वेषपूर्ण रवैया अपनाती रही हैं, लेकिन अब वोट के लालच में कांशीराम के नाम का “स्मरण” कर रही हैं।

Mayawati attack on SP-Congress-?️ मायावती ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की सेमिनार घोषणा पर भी तीखा निशाना साधा और इसे ‘मुंह में राम, बगल में छुरी’ वाली कहावत से जोड़कर बताया। उनका कहना है कि सपा और कांग्रेस ने कभी कांशीराम के मिशन का सम्मान नहीं किया, बल्कि उन्हें कमजोर करने की साजिश में लगे रहे।


कांशीराम का मिशन तोड़ा, नामों पर राजनीति की चाल

Mayawati attack on SP-Congress-?️ मायावती ने बताया कि कांशीराम ने देश में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों को शोषित से शासक वर्ग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्वाभिमान और आत्म-सम्मान आंदोलन को आगे बढ़ाया।

Mayawati attack on SP-Congress-?️ लेकिन सपा और कांग्रेस ने उनके जीवनकाल में भी बसपा और कांशीराम के मिशन को कमजोर करने की लगातार कोशिशें कीं। उदाहरण के तौर पर, सपा ने कासगंज जिले का नाम बदलकर कांशीराम नगर को खत्म कर दिया, जबकि बसपा सरकार ने इसे नया जिला मुख्यालय बनाने की योजना बनाई थी।

Mayawati attack on SP-Congress-?️ सिर्फ यही नहीं, कांशीराम के नाम पर बने कई विश्वविद्यालय, कॉलेज, अस्पताल और अन्य संस्थाओं के नाम भी सपा सरकार द्वारा बदल दिए गए। मायावती ने इसे सपा-कांग्रेस की घोर दलित विरोधी राजनीति और चरित्र की निशानी बताया।


कांशीराम के निधन पर शोक न मनाना – मायावती का आरोप

मायावती ने यह भी कहा कि जब कांशीराम का निधन हुआ, तब पूरा देश शोकाकुल था, लेकिन सपा और कांग्रेस ने राजकीय और राष्ट्रीय शोक तक घोषित नहीं किया।

“अब संकीर्ण राजनीति और वोट के स्वार्थ की खातिर सपा उनकी संगोष्ठी की घोषणा कर रही है, जो सिर्फ दिखावा और छलावा है।”

उन्होंने चेताया कि ऐसी पार्टियों की राजनीति से बहुजन समाज के लोग सजग और सावधान रहें।


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सपा-कांग्रेस का वोटबैंक खेल: मायावती की चेतावनी

मायावती ने सपा-कांग्रेस पर जातिवादी राजनीति और वोटबैंक के लिए छलावा करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ये पार्टियां अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कांशीराम के मिशन का अपमान कर रही हैं।

यह बयान राजनीतिक जगत में हलचल मचा सकता है, क्योंकि मायावती ने न केवल आरोप लगाए, बल्कि जातिवाद और दलित विरोधी राजनीति का भंडाफोड़ भी किया।


बहुजन समाज को मायावती की चेतावनी

मायावती ने स्पष्ट कहा कि बहुजन समाज के लोग इन पार्टियों के झूठे स्मरण और दिखावटी सेमिनारों में नहीं फंसें। उनका कहना है कि केवल वोट की लालच में ये पार्टियां कांशीराम के आदर्शों और मिशन का अपमान कर रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कांशीराम ने बहुजन समाज को आत्म-सम्मान और शक्ति दी, और इस मिशन को कमजोर करने की हर कोशिश का खुलासा होना चाहिए।


मायावती की राजनीतिक ताकत और भविष्य की रणनीति

बसपा अध्यक्ष ने इस बयान के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में बहुजन वोटबैंक की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मायावती का कहना है कि सपा और कांग्रेस जैसे दल केवल झूठे दिखावे और छलावे के लिए बहुजन समाज की भावनाओं का उपयोग कर रहे हैं। इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि आगामी चुनावों में बसपा अपने मिशन और बहुजन हितों की रक्षा के लिए पूरी ताकत झोंक सकती है।

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निष्कर्ष:

Mayawati attack on SP-Congress-?️ मायावती का यह बयान न केवल सपा-कांग्रेस पर जोरदार हमला है, बल्कि यह बहुजन समाज को जागरूक करने का प्रयास भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांशीराम के आदर्शों और मिशन को केवल वोटबैंक के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

बहुजन समाज के लोग अब इस राजनीतिक छलावे को पहचानकर ही अपनी मतदान रणनीति बनाएं।

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