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अगले दिन सारे अखबारों में जूही की खबर छपी थी, विधायक गुप्ता ने अपने निजी सचिव से कहा- मुझे जूही के बयान का जवाब देना होगा… पढ़ें जूही की महक का 13 वां भाग agale din saare akhabaaron mein joohee kee khabar chhapee thee, vidhaayak gupta ne apane nijee sachiv se kaha- mujhe joohee ke bayaan ka javaab dena hoga… padhen joohee kee mahak ka 13 vaan bhaag

©श्याम कुंवर भारती

परिचय- बोकारो, झारखंड


 

अगले दिन सुबह सारे अखबारों में जूही की प्रेस कॉन्फ्रेंस की खबर छपी थी। हर तरफ उसी के बारे में चर्चा हो रही थी। कुछ लोग जूही के कार्यों की तारीफ कर रहे थे।कुछ लोग अफसोस भी कर रहे थे बेचारी अभी नई नई आई और आते ही खूंखार विधायक गुप्ता से भिड़ गईं पता नहीं बेचारी का क्या हाल होगा।

 

कुछ लोगों को सरकार की इतनी बड़ी कल्याणाकारी योजना की पूरी जानकारी पाकर काफी खुशी हुई कि अब इससे सभी लोग जो इसके लायक होंगे उनको इसका लाभ मिल सकेगा।

 

विधायक ने जैसे ही सभी अखबारों में जूही के बयानों की खबर मिली वो आग बबूला हो उठा।उसने अपने निजी सचिव से कहा – तुम तुरंत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी करो।सारे मीडिया को बुलाओ मुझे जूही के बयान का जवाब देना होगा।

 

एक घंटे में विधायक के आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई थी। गुप्ता ने कहा – जो बीपीएल की सूची सर्वे हुआ है वो बिल्कुल सही है।इसमें सभ गरीब शामिल किए गए हैं। कोई भी अमीर नहीं है।जिस गुंडागर्दी की बात वीडियो जूही कह रही हैं वो सरासर ग़लत और निराधार है। इसमें मेरा या मेरी पार्टी के किसी आदमी की कोई दखल अंदाजी नहीं है। इसलिए अगर सूची को रद्द किया गया तो पूरे प्रखंड में बहत बड़ा जन आंदोलन होगा जो प्रशासन के फैसला बदलने पर ही जाकर खत्म होगा। इसमें अगर कोई भी अप्रिय घटना घटती है उसकी पूरी जवाबदेही प्रखंड और जिला प्रशासन की होगी।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर गुप्ता ने फिर अपने निजी सचिव से कहा तुम मेरी तरफ से एक पत्र वीडियो के नाम भेजो जिसमे दो दिनों के अंदर अपने फैसले को बदलने का अनुरोध हो। अगर मेरे अनुरोध को नहीं माना गया तो मैं और मेरी पार्टी तीसरे दिन से जन आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जायेगी।जिसकी पूरी जवाबदेही प्रशासन की होगी।

 

पत्र की कॉपी सभी संबंधित पदाधिकारियों को भी भेज दो।

 

उसके निजी सचिव ने कहा ठीक है सर मैं अभी पत्र तैयार करता हूं।

 

उधर जया अपनी मां से बात कर रही थी। मां मुझे सुधीर नाम का एक लड़का बहुत पसंद है। सुधीर गरीब है मगर बेहद शरीफ , जिम्मेवार और गंभीर लड़का है। हालांकि वो मुझे बिल्कुल पसंद नहीं करता है जबकि मैं उसे कालेज के दिनों से चाहती हूं।

 

एक तो मेरी आदतों से उसे नाराजगी है दूसरे उसे पापा से भय और नाराजगी है।

 

तुम ये सब मुझे आज क्यों बता रही हो पहले क्यों नहीं बताई।उसकी मां गायत्री देवी ने पूछा।

 

इसलिए की मुझे डर है कही सुधीर मेरे हाथ से न निकल जाए।

 

जया ने जवाब दिया।

 

डर तुम्हें किस बात का डर। सबको पता है तुम किसकी बेटी हो।तुम्हारे पापा के सामने किसकी मजाल है जो सिर उठा सके।गायत्री देवी ने गरूर से कहा।

 

मां तुम समझ नहीं रही हो वो बात नहीं है अब सुधीर की जिंदगी में एक नई लड़की आ गई है यहां की नई वीडियो जूही। वो एक ईमानदार और कर्तव्य निष्ठ पदाधिकारी है। सुंदर और जवान है।वो सुधीर की एक मदद के चलते उस पर पूरा मेहरबान है।

 

तुम तो जानती हो उसकी और पापा के बीच टकराहट चल रही है आगे चलकर कभी कुछ भी हो सकता है। जया ने गंभीर होकर कहा।

 

तुम अपने पापा के बारे में चिंता मत करो जया वो सबको देख लेंगे।लेकिन तुमको चिंता किस बात की है जब वीडियो जूही ही नहीं रहेगी तो उसकी क्यों चिंता कर रही हो गायत्री देवी ने फिर अपने अंदाज में कहा।

 

मेरी बात को ध्यान से सुनो मां मामला बहुत गंभीर होता जा रहा है।जूही एक अच्छी लड़की है मेरी उससे दोस्ती भी हो चुकी है मैं उससे मिल भी चुकी हूं।

 

सबसे पहले हमदोनों को पापा को समझाना होगा की वो गलत रास्ता छोड़ दे ईमानदारी से सही रास्ते पर चल कर राजनीति करे वरना मुझे डर है कही हमलोग उनको खो न दे।

 

जया ने अपनी बात रखते हुए कहा।

 

उसने आगे कहा- मां न तो सुधीर को खोना चाहती हूं न अपने पापा को।मैं अपने आपको इतना बदल देना चाहती हूं की सुधीर मुझे कबूल कर ले।तुम मेरे पापा को सुधारो मां वरना कोई भी शरीफ लड़का या परिवार मुझे स्वीकार नहीं करेगा। यदि मेरे पापा के डर से कर भी लिया तो मेरी जिंदगी नर्क बन जायेगी।जया की आज इतनी गंभीर बाते सुन कर उसकी मां अचंभित रह गई।क्या किसी के प्यार में कोई इतना बदल सकता है।

 

तुम बेकार में डर रही हो ऐसा कुछ नहीं होगा तुम जिस लड़के की तरफ इसारा कर दोगी तुम्हारे तुम्हारे कदमों में डाल देंगे। गायत्री का जरूर अब भी कायम था।

 

मां तुम बेकार के ख्वाबी पुलाव मत पकाओ और हकीकत की दुनिया में आओ अब भी समय है तुम भी समझ जाओ और पापा को भी समझाओ मुझे आने वाले भयंकर खतरे का एहसास हो रहा है और तुम समझ नहीं रही हो जया ने चिढ़कर कहा।

 

पापा से बात करो और उनको समझाने की कोशिश करो।उनसे कहो सरकार के काम में अपने फायदा के लिए गलत तरीके से दखल अंदाजी न करें।

 

जूही उनको हर संभव मदद करेगी अगर वो शराफत से काम करना चाहे।

 

तभी वहा गुप्ता आता है जया की मां को खाना लगवाने के लिए बोलता है।खाने की टेबल पर उसकी पत्नी ने कहा – मैं आपसे एक बात बोलना चाहती हूं अगर आप नाराज न हो तो कहूं।

 

हां बोलो, गुप्ता ने खाते हुए कहा।

 

फिर गायत्री देवी जया पूरी बात सुना दी।इतना सुनते ही गुप्ता भड़क गया। क्या तुम दोनों ने मुझको इतना कमजोर और डरपोक समझ लिया है जो मैं एक मामूली सी वीडियो के सामने झुक जाऊं।कदापि नहीं अब तुम दोनों देखना मैं कैसे कहर बनकर सबपर गिरता हूं।

 

जया ने कुछ कहना चाहा मगर गुप्ता ने उसे डांट कर चुप करा दिया और धमकी दिया तुम दोनों अपने काम से मतलब रखो। खाओ पियो और ऐस करो जो चाहिए ले लो मगर मेरे काम के बिना बोले हस्तक्षेप मत करना। इतना कहकर गुप्ता उठकर चला गया।

 

जूही अपने ऑफ़िस में बैठी हुई थी बाकी काम निपटा रही थी तभी बड़ा बाबू आता है और बताता है मैडम अभी जिला से कई पत्र आए हैं उसने जूही को दिखाते हुए कहा।एक पत्र है जिसमे पूरे प्रखंड की विधि व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया है।इसके तहत आपके अधिकारों और जिम्मेवारी के बारे में बताया गया।दूसरे पत्र में हमारे ऑफिस ,आपके आवास और आपकी निजी सुरक्षा हेतु कई पुलिस के सशस्त्र जवान नियुक्त किया गए है। आपको निर्देश दिया गया है की अब आप बिना सुरक्षा जवानों के कही भी अकेले न आए और जाए।तीसरे पत्र में पूरे ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का आदेश दिया गया है।

 

जूही ने जिला को मेरी इतनी फिक्र करने की क्या जरूरत थी। मुझे कुछ नहीं होगा।

 

फिर भी जिला का आदेश है तो मानना पड़ेगा।

 

इतने में एक स्टाफ ने विधायक का पत्र लाकर जूही के सामने रख दिया उसने उसे ध्यान से पढ़ा और सोमनाथ से कहा बड़े बाबू इस पत्र की कॉपी जिला मुख्यालय भेजकर आदेश प्राप्त करे आगे की कार्रवाई हेतु।

 

जी ठीक है मैडम मैं पत्र तैयार करवाता हूं।सोमनाथ ने कहा एक और पत्र आया है जिसमे आपके स्टेशन से लेकर शहर तक भेपर लाइट लगवाने के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए पंद्रह लाख भी स्वीकृत किया है।

 

जूही ने खुशी जाहिर करते हुए कहा बहुत अच्छा हुआ बड़े बाबू इससे अब यात्रियों को रात में स्टेशन आने जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।फिर उसने अपने जेई को बुलवाकर पूछा जेई साहब सामुदायिक भवन निर्माण जो सुधीर कर रहा था वो कब तक तैयार हो जाएगा।

 

जेई ने खुश होते हुए कहा मैडम होगा नहीं हो चुका है। सुधीर ने तय समय से पहले तैयार कर दिया और काम भी बहुत अच्छा किया है।आप जब चाहे उसका उद्धघाटन करवा सकती है और आम जनता के उपयोग हेतु पंचायत को सौंप सकती है।

 

बहुत अच्छा है। आप सब उसके उद्धघाटन की तैयारी कर मुझे बताएं।जूही ने खुश होते हुए कहा। फिर उसने जेई से फिर पूछा दस लाख रुपए में से जितना बचा है उसका सुधीर से बिल लेकर पेमेंट कर दे और उद्धघाटन का खर्चा सुधीर को करने बोल दे।साथ ही उससे किसी ने कोई कमीसन तो किया नहीं है तो उसे ऑफिस के स्टाफ को मिठाई खिलाने बोल दे।एक काम और करे स्टेशन से लेकर शहर तक के लाइटिंग का काम भी सुधीर को दे दे।

 

जी जरूर मैडम। इतना कह कर जेई चला गया।

 

तभी जूही का फोन बजता है उसने देखा डीडीसी का फोन था उसने उठाकर उनका अभिवादन किया।डीडीसी ने कहा जूही तुमको जिला का सारा पत्र मिल गया होगा तुम उनको ध्यान से पढ़कर उसके अनुसार कायवाई करो और तुम डीएसपी कुमार से बात कर लो वो तुम्हारे साथ रहकर तुम्हारे आदेश पर विधि व्यवस्था के नियंत्रण में तुम्हारा सहयोग करेगा।

 

जी सर बिल्कुल मैं करती हूं आप चिंता न करें। फिर डीडीसी ने फोन काट दिया।

 

जूही ने सोमनाथ को बुलाकर कहा पत्र में जिन पुलिस थानों और पुलिस अधिकारियों का जिक्र किया गया है उनको और उनके प्रभारी डीएसपी कुमार के साथ कल सुबह दस बजे बैठक तय कर मुझे सूचित करे।

 

शाम को सात बजे जूही ने सुधीर को फोन कर कहा मेरा बाबू कहा है अभी। मैडम मैं अभी एमपी साहब के निवास पर हूं अपके लिए ही उनसे मिलने आया हूं।सुधीर ने जवाब दिया।

 

अरे मेरा बाबू मेरी कितना चिंता करता है मगर इसकी क्या जरुरत है।मेरे बारे में ज्यादा सोचोगे तो मुझसे प्यार हो जायेगा और तब क्या करोगे जूही ने मजाकिया अंदाज में कहा।

 

आप भी मैडम बहुत मजाकिया हैं।

 

मजाकिया नहीं बेटा मैं इश्किया बाते भी करती हूं।अब जल्दी से एमपी साहब से मिलकर अपना नूरानी चेहरा मुझे मेरे आवास पर दिखाओ मैं तुम्हारा इंतजार कर रही हूं।आज मैं तुमको अपने हाथ से बनी प्यारी चाय पिलाऊंगी। मगर आते समय एक आइस क्रीम लेते आना मेरे लाडले जूही ने हंसते हुए कहा।जी जरूर मैडम। सुधीर ने कहा।

 

उसे जूही की बाते सुनकर बड़ा आश्चर्य होता था कोई इतने गंभीर हालात में भी मजाक कैसे कर सकता है यार।

 

सुधीर एक दुकान से आइस क्रीम ले ही रहा था की जूही की बहन नेहा का फोन आ गया। उसने बताया मैं जूही दीदी को फोन लगा रही हूं मगर उनका फोन बीजी आ रहा है।मगर बात गंभीर है इसलिए आपको फोन किया है।

 

कोई बात नहीं जल्दी बताओ क्या बात है नेहा।

 

नेहा ने बताया मां को हालत बहुत खराब हो गई है उसे अस्पताल में भर्ती करवाए है। आपको वही से फोन किया है सुधीर भैया।

 

ठीक है तुम चिंता मत करो मैं तुम्हारी दीदी के पास ही जा रहा हूं। तुम घबड़ाना नहीं।

 

शेष अगले भाग -14 में

 

श्याम कुंवर भारती

©Shyam Kunwar Bharti

Introduction- Bokaro, Jharkhand


 

 

The next day the news of Juhi was published in all the newspapers, MLA Gupta told his private secretary – I have to answer Juhi’s statement… read the 13th part of Juhi’s fragrance

 

 

The next morning the news of Juhi’s press conference was published in all the newspapers. Everywhere there was discussion about the same. Some people were praising Juhi’s work. Some people were also regretting that the poor girl had just arrived and as soon as she arrived, she clashed with the dreaded MLA Gupta, don’t know what will happen to the poor girl.

 

Some people were very happy to get complete information about such a big welfare scheme of the government that now all the people who deserve it will be able to get the benefit of it.

 

As soon as the MLA got the news of Juhi’s statements in all the newspapers, he got furious. He told his personal secretary – you prepare for a press conference immediately. Call all the media, I have to answer Juhi’s statement.

 

The press conference had started at the MLA’s residence in an hour. Gupta said – the list of BPL survey that has been done is absolutely correct. All the poor have been included in this. No one is rich. The hooliganism that Juhi is talking about in the video is completely wrong and baseless. There is no interference of me or any member of my party in this. Therefore, if the list is canceled, there will be a huge mass movement in the entire block, which will end only after the decision of the administration is changed. In this, if any untoward incident happens, its full responsibility will be of the block and district administration.

 

After finishing the press conference, Gupta again asked his personal secretary to send a letter on my behalf in the name of the video requesting him to change his decision within two days. If my request is not accepted, then my party and I will be compelled to organize a mass movement from the third day. For which the entire accountability will be of the administration.

 

Send the copy of the letter to all the concerned officials.

 

His private secretary said okay sir, I am preparing the letter now.

 

On the other hand, Jaya was talking to her mother. Mother, I love a boy named Sudhir. Sudhir is poor but very decent, responsible and serious boy. Although he does not like me at all while I have loved him since college days.

 

One, he is angry with my habits, secondly he is afraid and angry with his father.

 

Why are you telling me all this today, why didn’t you tell me earlier. His mother Gayatri Devi asked.

 

Because I am afraid that Sudhir may not get out of my hands.

 

Jaya replied.

 

What are you afraid of? Everyone knows whose daughter you are. Whose fun is in front of your father who can raise his head.

 

Mother, you are not understanding, that is not the matter, now a new girl has come in Sudhir’s life, here’s a new video Juhi. He is an honest and dutiful officer. He is handsome and young. He is completely kind to Sudhir because of his one help.

 

You know that there is a conflict between him and his father, later on anything can happen. Jaya said seriously.

 

You don’t worry about your father, Jaya he will see everyone. But what are you worried about when the video will not be there, then why are you worrying about it, Gayatri Devi again said in her own style.

 

Listen carefully to me, mother, the matter is becoming very serious. Juhi is a good girl, I have also been friends with her, I have also met her.

 

First of all, we both have to explain to the father that he should leave the wrong path and do politics by following the right path honestly or else I am afraid that we may not lose him.

 

Jaya said keeping her point.

 

She further said- Mother neither want to lose Sudhir nor my father. I want to change myself enough that Sudhir accepts me. You reform my father mother, otherwise no decent boy or family will accept me. Even if I do it because of my father’s fear, then my life will become hell. Jaya’s mother was surprised to hear such serious things today. Can someone change so much in someone’s love.

 

You are afraid in vain, nothing like this will happen to the boy you will point towards and put you at your feet. Gayatri was definitely still there.

 

Mother, don’t cook unnecessarily dream casserole and come to the world of reality, there is still time for you to understand and explain to your father, I am feeling the danger of coming and you do not understand, Jaya said irritated.

 

Talk to Papa and try to convince him. Tell him not to interfere in the work of the government in a wrong way for your own benefit.

 

Juhi will help them in every possible way if they want to work with dignity.

 

Just then Gupta comes and tells Jaya’s mother to get food. At the dinner table, his wife said – I want to tell you one thing, if you are not angry, then say.

 

Say yes, said Gupta while eating.

 

Then Gayatri Devi Jaya narrated the whole thing. On hearing this, Gupta got furious. Have you both considered me so weak and timid that I bow down in front of a minor video. Now you both see how I fall on everyone as havoc.

 

Jaya wanted to say something but Gupta scolded her and silenced her and threatened you both to be mean to your work. Eat, drink and do whatever you want, take what you want but don’t interfere without speaking my work. Saying this, Gupta got up and left.

 

Juhi was sitting in her office and was handling the rest of the work, when Bada Babu comes and tells that Madam has just received many letters from the district, she said showing Juhi. Under this, your rights and responsibilities were told. In the second letter, many armed police personnel have been appointed for our office, your residence and your personal security. You have been instructed that now you should not come and go anywhere alone without security personnel. In the third letter, orders have been given to install CCTV cameras in the entire office.

 

Juhi did the district need to worry about me so much. Nothing will happen to me.

 

Even then, if there is an order of the district, then it has to be obeyed.

In this, a staff brought the letter of the MLA and placed it in front of Juhi, he read it carefully and asked Somnath to send a copy of this letter to the district headquarters and get orders for further action.

 

It is okay, madam, I am getting the letter prepared.

 

Juhi expressed happiness and said that it is very good, big babu, now the passengers will not have any problem in coming to the station at night. .

 

Jee happily said that Madam Hoga is not done. Sudhir has prepared it ahead of schedule and the work has also been done very well. You can get it inaugurated whenever you want and can hand it over to the Panchayat for the use of the general public.

 

very nice. You all prepare for its inauguration and tell me. Juhi said happily. Then he again asked the JE to pay the bill from Sudhir for the amount left out of ten lakh rupees and tell Sudhir to pay the cost of the inauguration. Also, if no one has done any commission from him, then he should give sweets to the office staff. Tell me to feed. Do one thing and give the work of lighting from station to city to Sudhir.

 

Sure ma’am. After saying this, JE left.

 

Just then Juhi’s phone rings, she saw DDC’s phone was there, he picked up and greeted them. Staying on your orders will cooperate with you in the control of law and order.

 

Yes sir, I do, don’t worry. Then DDC disconnected the phone.

 

Juhi called Somnath and said that the police stations and police officers mentioned in the letter and their in-charge DSP Kumar should inform me by fixing a meeting tomorrow morning at 10 am.

 

At seven o’clock in the evening, Juhi called Sudhir and said, where is my babu now? Madam, I am at MP Saheb’s residence right now, I have come to meet him for my own sake. Sudhir replied.

 

Hey my babu how much does me worry but what is the need of it. If you think more about me, then you will fall in love with me and what will you do then Juhi said in a joking manner.

 

You are also very funny ma’am.

 

Not funny son, I do Ishqiya baate also. Now quickly meet MP sahib and show me your noorani face at my residence. I am waiting for you. But while coming to bring an ice cream, my dear Juhi laughed and said. Yes, madam. Sudhir said.

 

He used to be very surprised to hear Juhi’s words, how can anyone joke in such a serious situation, man.

 

Sudhir was taking ice cream from a shop when Juhi’s sister Neha got a call. She told that I am calling Juhi didi but her phone is coming BG. But the matter is serious so I have called you.

 

Never mind, tell me what is the matter Neha.

 

Neha told that the condition of the mother has become very bad, she has been admitted to the hospital. You have called from the same Sudhir Bhaiya.

 

Alright don’t you worry, I am going to your sister only. You don’t panic.

 

rest in next part-14

 

 

 

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