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जूही कुछ कहती इससे पहले सुधीर उसकी बांह पकड़ खींचता हुआ बाहर निकल गया, जूही बोलते रह गई तुम क्या मेरा अपहरण कर रहे हो सुधीर… पढ़ें कहानी जूही की महक कर भाग-14 joohee kuchh kahatee isase pahale sudheer usakee baanh pakad kheenchata hua baahar nikal gaya, joohee bolate rah gaee tum kya mera apaharan kar rahe ho sudheer… padhen kahaanee joohee kee mahak kar bhaag-14

©श्याम कुंवर भारती

परिचय- बोकारो, झारखंड


 

सुधीर अभी कुछ ही दूर गया होगा की तभी उसे जया का फोन आया। नहीं चाहते हुए भी उसने उसका फोन उठा लिया- बोलो क्या बात है।

 

जया ने घबड़ाई हुई आवाज में कहा सुधीर तुम कहां हो।

 

मैं अभी बाजार में हूं जूही मैडम के आवास पर जा रहा हूं बोलो क्या काम था।

 

तुम जल्दी जूही मैडम को फोन कर सावधान करो मेरे पापा ने उनको मारने के लिए अपने आदमी भेज दिए हैं। उन पर कभी भी जानलेवा हमला हो सकता है।

 

सुनते ही सुधीर का दिमाग चकरा गया। उसके मुंह से निकला क्या बोल रही हो तुम।

 

मैं सच कह रही हूं जया ने घबड़ाए हुए कहा तुम जल्दी जाओ और जूही मैडम को उनके घर से पहले कही सुरक्षित जगह पर ले जाओ।

 

ठीक है तुम चिंता मत करो मैं कुछ करता हूं और सुधीर ने फोन काटकर जूही को लगाया मगर उसका फोन बीजी बताया। उसने अपनी बाइक को तेज रफ्तार से जूही के आवास की तरफ दौड़ा दिया।

 

हो सकता है जया सच कह रही हो। यदि ऐसा हुआ तो जूही मैडम के जान को बहुत बड़ा खतरा हो सकता है। उसने जूही के लिए आइस क्रीम अपनी बाइक की डिक्की में रख लिया था। उधर उसकी मां की भी तबीयत खराब हो गई है वो अस्पताल में भर्ती है।

 

जूही ने जैसे ही सुधीर का फोन काटा उसके फोन पर कोई अंजान नंबर से फोन आया।

 

फोन उठाते हुए किसी ने कहा – मैडम मैं विधायक जी का आदमी बोल रहा हूं।

 

जी बोलिए क्या काम था जूही ने पूछा।

 

मैडम आपको जितना पैसा चाहिए हम लोग देने को तैयार हैं आप बीपीएल सूची को रद्द करने का फैसला बदल दें। उधर से कहा गया।

 

जूही ने कहा आप सबको पता है मैं घूस नहीं लेती। मुझे पैसे का कोई लालच नहीं है। मैं अपना फैसला नहीं बदल सकती।

 

सोच लें मैडम, इसके लिए आपको पांच दस लाख या जितना कहेंगी उतना लाख रुपए जहां जिस तरह से बोलेंगी आपको मिल जायेगा।

 

उधर से किसी ने कहा।

 

इसमें सोचने वाली कोई बात नहीं है आप लोग विधायक जी को समझाएं कि सरकार के काम में बेवजह दखल न दें। सर्वे चालू है वो नहीं रुकेगा। दुबारा मुझे इस तरह फोन न करें। माफ करे मैं फोन काट रही हूं।

 

ठीक है मैडम अगर आप जिद पर अड़ी हुईं हैं तो आपकी जैसी मर्जी। इतना कहकर उधर से फोन काट दिया गया।

 

जूही ने डीडीसी को फोन कर अभी फोन पर हुई बातचीत का जिक्र बता दिया।

 

डीडीसी ने उसे सावधान करते हुए कहा तुमने ठीक किया मगर खुद का ख्याल रखना तुम्हारी सुरक्षा हेतु पुलिस के जवान रात दस बजे तक तुम्हारे आवास पर पहुंच जाएंगे अभी रात के नौ बजे हैं। तुम मुझे जब भी जरूरत पड़े फोन कर लेना और डीएसपी कुमार से भी जरूरत पर बात कर लेना।

 

जूही ने कहा ठीक है सर।

 

तभी सुधीर वहा घबड़ाए हुए आया और कहा मैडम आप तुरंत मेरे साथ चलें यहां एक मिनट भी मत रुकिए आपकी जान को खतरा है।

 

आराम से बैठो मेरे लाल मुझे कुछ नहीं होगा, लाओ मेरी आइस क्रीम कहां है।

 

लाया हूं मैडम मगर अभी आइस क्रीम खाने का समय नहीं है अब बात मत करें फौरन निकले यहां से सुधीर ने घबड़ाए हुए कहा।

 

जूही अभी और कुछ कहती इससे पहले सुधीर ने उसकी बांह पकड़ लिया और खींचता हुआ बाहर निकल गया और अपनी बाइक पर पीछे बैठाकर किक मारा और तेजी से निकल गया। जूही बोलते रह गई तुम क्या कर रहे हो सुधीर मेरा अपहरण कर रहे हो क्या। मगर सुधीर ने कुछ नहीं सुना, अपनी बाइक भगाता चला गया। वे दोनों अभी कुछ ही दूर गए होंगे कि धांय- धांय गोलियों के चलने की आवाज सुनाई देने लगी। जूही ने पीछे मुड़कर देखा उसके आवास पर ही गोलियां चलाई जा रही थी। रात होने के बावजूद खंभे पर लगी लाइट की रोशनी में दो गाड़ियां और कुछ लोग अपने हाथों में बंदूक लिए हुए नजर आ रहे थे।

 

उसे अब सुधीर की बात पर विश्वाश हो गया था। मगर इसको इस घटना की जानकारी कैसे हो गई जो मुझे नहीं मिली न मेरे सीआईडी को मिली।

 

तभी सुधीर ने कहा देख लिया मैडम मैं कह रहा था निकलो अपने घर से, आपकी जान को खतरा है मगर आप मान नहीं रहीं थीं। अगर कुछ देर और रुक जाती तो भगवान जाने क्या होता आपके साथ।

 

जूही ने कहा सॉरी मेरे लाल गलती हो गई माफ कर दो।

 

आप मुझे कसके पकड़ लें मैडम मैं सीधे अपने घर जाकर रुकूंगा। कोई हमारा पीछा भी कर सकता है। मैंने बाइक की स्पीड बढ़ा दिया है। उसने अपनी बाइक की गति तूफानी गति से बढ़ा दिया। जूही ने दोनों हाथों से सुधीर की कमर को कस के पकड़ लिया। उसने सोचा आज दूसरी बार है जब सुधीर ने उसकी जान बचाई है। आज भी सुधीर और बाइक ने उसका साथ दिया।

 

जूही उससे पूछना चाहती थी की उसे इस घटना की जानकारी कैसे मिली मगर बाइक की तेज गति और आवाज से पूछ नहीं सकी। आखिर क्या बात है हर बार सुधीर ही उसकी जिंदगी का रक्षक बनता जा रहा है। जूही ने अपना सिर सुधीर के पीठ पर टिका लिया और उसे कस कर पकड़ लिया था जैसे अब वो उसे अब कभी नहीं छोड़ने वाली है।

 

शेष अगले भाग -15 में

 

 

श्याम कुंवर भारती

Shyam Kunwar Bharti


 

Before Juhi could say anything, Sudhir came out holding her arm, Juhi kept saying are you kidnapping me Sudhir… read the story by smelling Juhi Part-14

 

 

Sudhir must have gone some distance now when he got a call from Jaya. Even without wanting, he picked up his phone – speak what is the matter.

 

Jaya said in a bewildered voice where are you Sudhir.

 

I am in the market now Juhi going to madam’s residence Tell me what was the work.

 

You call Juhi madam and beware, my father has sent his men to kill him. They can be attacked at any time.

 

Hearing this, Sudhir’s mind was blown. What are you saying that came out of his mouth?

 

I am telling the truth.

 

Alright don’t you worry I do something and Sudhir disconnected the phone and called Juhi but told her phone as BG. He ran his bike towards Juhi’s residence at high speed.

 

Maybe Jaya is telling the truth. If this happens then Juhi madam’s life can be in great danger. He had kept ice cream for Juhi in the trunk of his bike. On the other hand, his mother’s health has also deteriorated, she is admitted in the hospital.

 

As soon as Juhi disconnected Sudhir’s phone, a call came on his phone from an unknown number.

 

Picking up the phone, someone said – Madam, I am speaking of MLA.

 

Tell me, what was the work Juhi asked.

 

Madam, we are ready to give you the money you want, you change the decision to cancel the BPL list. From there it was said.

 

Juhi said you all know that I do not take bribe. I have no greed for money. I can’t change my decision.

 

Think ma’am, for this you will get five million rupees or as much as you say, where you will get as much as you say.

 

Someone from there said.

 

There is nothing to think in this, you guys should explain to the MLA not to interfere unnecessarily in the work of the government. The survey is on, it will not stop. Don’t call me like this again. Excuse me, I am disconnecting the phone.

 

Ok madam if you are adamant on stubbornness then do as you wish. Saying this the phone was disconnected from there.

 

Juhi called the DDC and told about the conversation on the phone.

 

The DDC cautioned him and said that you have done right, but take care of yourself, the police personnel will reach your residence by ten o’clock in the night, it is now nine o’clock in the night. You can call me whenever you need and talk to DSP Kumar as well.

 

Juhi said ok sir.

 

Then Sudhir came there in a panic and said madam, you immediately go with me, don’t stay here even for a minute, your life is in danger.

 

Sit back, my red, nothing will happen to me, bring me where’s my ice cream.

 

I have brought it, madam, but now is not the time to eat ice cream, now do not talk, immediately leave from here Sudhir said nervously.

 

Before Juhi could say anything else, Sudhir grabbed her arm and pulled out and kicked her back on her bike and left fast. Juhi kept saying what are you doing, Sudhir, are you kidnapping me? But Sudhir did not hear anything, went on running away on his bike. Both of them must have gone a short distance away when the sound of gunfire started being heard. Juhi looked back and saw that shots were being fired at her residence itself. Even though it was night, two vehicles and some people with guns in their hands were seen in the light of the lights on the pillars.

 

He was now convinced of Sudhir’s words. But how did he come to know about this incident which I did not get nor did my CID get it.

 

Then Sudhir said, see madam, I was saying come out of your house, your life is in danger but you were not agreeing. God knows what would have happened to you if you stayed for some more time.

 

Juhi said sorry my mistake has happened, forgive me.

 

You hold me tightly, ma’am, I will go straight to my house and stay. Anyone can follow us. I have increased the speed of the bike. He increased the speed of his bike at a tremendous speed. Juhi grabbed Sudhir’s waist tightly with both hands. He thought that today is the second time when Sudhir has saved his life. Even today Sudhir and the bike supported him.

 

 

Juhi wanted to ask her how she came to know about this incident but could not ask because of the speed and sound of the bike. After all, what is the matter, every time Sudhir is becoming the savior of his life. Juhi rested her head on Sudhir’s back and held him tightly as if she was never going to leave him.

 

rest in next part-15

 

 

 

धनेरु में लगाया शिविर, दवा वितरण के साथ घायल पशुओं का किया गया उपचार dhaneru mein lagaaya shivir, dava vitaran ke saath ghaayal pashuon ka kiya gaya upachaar

 

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