Educational Development- “गांव नगोई में शिक्षक दिवस पर बना ऐतिहासिक फैसला – सूर्यांश शिक्षा भवन संचालन समिति का गठन, छात्रों को मिलेगा बड़ा तोहफ़ा!”
“सूर्यांश शिक्षा भवन नगोई समिति गठन और शिक्षक दिवस कार्यक्रम 2025”
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“सूर्यांश शिक्षा भवन नगोई समिति गठन और शिक्षक दिवस कार्यक्रम 2025”
Educational Development- 5 सितंबर का दिन हर भारतीय के लिए खास होता है, क्योंकि यह दिन भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है, जिसे हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं।
Educational Development- 2025 का शिक्षक दिवस बिलासपुर जिले के गांव नगोई के लिए ऐतिहासिक बन गया, क्योंकि इसी दिन यहां सूर्यांश शिक्षा भवन नगोई संचालन समिति का गठन हुआ। यह फैसला सिर्फ एक भवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के गरीब और कमजोर वर्ग के छात्रों एवं युवाओं के भविष्य को बदलने का संकल्प है।
? कार्यक्रम का आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन 5 सितंबर 2025 को गौरव ग्राम नगोई में किया गया।
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मंच पर गांव के सरपंच प्रतिनिधि सत्येंद्र गढ़ेवाल,
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जनपद सदस्य बुधनाथ पैगोर,
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समाज के वरिष्ठजन एवं सूर्यांश शिक्षा उत्थान समिति के सदस्य मौजूद रहे।
Educational Development- इस मौके पर शिक्षकों और बुद्धिजीवियों को श्रीफल और कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। यह परंपरा न केवल शिक्षा के महत्व को दर्शाती है, बल्कि गांव की संस्कृति और गुरुओं के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है।
? सूर्यांश शिक्षा भवन का महत्व
निर्माणाधीन सूर्यांश भवन नगोई को भविष्य में एक शिक्षा और संस्कार केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
इस भवन से समाज और गांव को यह लाभ मिलेगा:
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गरीब और कमजोर वर्ग के छात्रों को मुफ्त शिक्षा और सहयोग
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए अध्ययन संसाधन और मार्गदर्शन
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रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र
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समाज में शिक्षा और संस्कार दोनों का प्रचार-प्रसार
✍ समिति का गठन और संकल्प
Educational Development- बैठक में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि:
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सूर्यांश भवन का संचालन पूरी पारदर्शिता और सामूहिक सहयोग से किया जाएगा।
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समाज और गांव के शिक्षकों एवं बुद्धिजीवियों की सक्रिय भूमिका रहेगी।
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शिक्षा भवन सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह संस्कार और सामाजिक उत्थान का मंच बनेगा।
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आने वाले समय में यहां प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग, कंप्यूटर ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स भी चलाए जाएंगे।
? शिक्षक दिवस पर सम्मान
गांव नगोई में आयोजित इस कार्यक्रम का सबसे भावुक पल वह था जब समाज के शिक्षकों और शिक्षा उत्थान के लिए कार्यरत लोगों को सम्मानित किया गया।
श्रीफल और कलम देकर यह संदेश दिया गया कि “कलम ही असली शक्ति है, और शिक्षा ही असली संपत्ति।”
? प्रमुख उपस्थितगण
बैठक में बड़ी संख्या में समाजसेवी, अधिकारी और बुद्धिजीवी शामिल हुए। इनमें प्रमुख थे:
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सरपंच प्रतिनिधि सत्येंद्र गढ़ेवाल
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जनपद सदस्य बुधनाथ पैगोर
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समाज के उपाध्यक्ष रहस गढ़ेवाल
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बिरकोना सर्किल अध्यक्ष मुंशीराम लिबर्टी
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संरक्षक टी.सी. रत्नाकर, बी.आर. सत्यार्थी, विनोद मंजारे
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हरि परिहार, डी.के. पारकर, रामायण प्रसाद सूर्यवंशी, रामलाल सूर्यवंशी
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नीलकमल दिवाकर, द्वारिका खरे, मनहरण केसरवानी, कपिलनाथ डोंगरे
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गीताराम माहेश्वरी, अयोध्या माहेश्वरी, श्रीराम लास्कर, श्रीराम टैगोर
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और गांव के सैकड़ों युवा और वरिष्ठजन
मंच संचालन मनहरण केसरवानी द्वारा और आभार प्रदर्शन नीलकमल दिवाकर द्वारा किया गया।
? भविष्य की राह
Educational Development- गांव नगोई का यह संकल्प केवल स्थानीय स्तर पर सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह आने वाले समय में पूरे बिलासपुर और आसपास के जिलों के लिए शिक्षा और संस्कार की मिसाल बनेगा।
यहां से निकलने वाले छात्र और युवा समाज को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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✨ निष्कर्ष
Educational Development- नगोई गांव का यह निर्णय बताता है कि जब समाज एकजुट होकर शिक्षा के लिए खड़ा होता है, तब बदलाव निश्चित होता है।
सूर्यांश शिक्षा भवन नगोई आने वाले समय में सिर्फ एक इमारत नहीं रहेगा, बल्कि यह भविष्य निर्माण की प्रयोगशाला साबित होगा।
? यह कार्यक्रम संदेश देता है कि –
“शिक्षक केवल किताब नहीं पढ़ाते, वे समाज का भविष्य गढ़ते हैं।”

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