नमन कांशीराम | newsforum

 

नमन कांशीराम बाबा साहब को सबसे मिलवाया ।

बाबा साहब के सपनों को तुमने आगे बढ़ाया ।।

बाबा साहब का परचम तुमने है लहराया ।

नमन कांशीराम बाबा साहब को हम सब से मिलवाया ।।

बाबा साहब का मिशन आपने समझाया ।

हम सबको मिशन का लक्ष्य था बताया ।।

आप जैसा योद्धा अब न मिल पाएगा।

 आपने ही बाबा साहब का कर्तव्य है निभाया ।।

बन जाए अगर हर युवा कांशीराम।

 तो बाबा साहब का हो जाए काम।।

 तुमने बाबा साहब का मिशन आगे बढ़ाया।

 नमन कांशीराम बाबा साहब को सबसे मिलवाया ।।

देखा था सपना उन्होंने बौद्धमय भारत का ।

घर-घर एक कांशीराम पैदा हो जाए ।।

 गौरवान्वित हो सोती कौम को जगाया।

नमन कांशीराम बाबा साहब से सबको मिलवाया ।।

 

©प्रीति बौद्ध, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश

परिचय- एमए, बीएड, समाज सेविका, प्रकाशन- विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचना प्रकाशित, सम्मान- C .F. M . Writers Asociation Asqnol Best Bangal.


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