ऑनलाइन बुलेटिन : अनदेखी वो तस्वीर…
Listen to this ©गायकवाड विलास परिचय- मिलिंद महाविद्यालय लातूर, महाराष्ट्र आपके लफ़्ज़ों को पढ़ते-पढ़ते कोई अंजान तस्वीर सामने आती है, ये बेचैन निगाहें अब मेरी आपके दीदार को तरसती है। अनदेखी वो तस्वीर तुम्हारी क्युं हमें इतना तड़पाती है, आपके लफ़्ज़ों में डुबकर भी ये प्यास और क्युं बढ़ जाती है? लफ़्ज़ों … Continue reading ऑनलाइन बुलेटिन : अनदेखी वो तस्वीर…
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