Pay Back to Society-? “उत्तराखंड में परिवर्तन संस्था का प्रांतीय अधिवेशन: चौ. विनोद अम्बेडकर ने दिया ‘Pay Back to Society’ का बड़ा संदेश”
"चौ. विनोद अम्बेडकर का Pay Back to Society संदेश उत्तराखंड"
Pay Back to Society-?
“चौ. विनोद अम्बेडकर का Pay Back to Society संदेश उत्तराखंड”
Pay Back to Society-? उत्तराखंड, सितारगंज – समाज में बदलाव केवल शिक्षा से नहीं, बल्कि विचारधारा और संवेदनशीलता से आता है। यही संदेश आज परिवर्तन संस्था भारत की उत्तराखंड यूनिट के प्रांतीय अधिवेशन में जोरदार तरीके से दिया गया।
Pay Back to Society-? जिला उधमसिंह नगर के संजोग रेस्टोरेंट, सितारगंज में आयोजित इस अधिवेशन का संचालन उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष अशोक गौतम ने किया, जबकि अध्यक्षता वेदवीर सिंह आदिवासी ने की।
Pay Back to Society-? इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि संस्था प्रमुख चौ. विनोद अम्बेडकर मौजूद रहे। मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय कोषाध्यक्ष सूरज डागर, उत्तराखंड कॉर्डिनेटर रामगोपाल चौहान, यूपी कॉर्डिनेटर मेवाराम, यूपी प्रवक्ता रामरतन लाल, उपाध्यक्ष उत्तराखंड श्याम सिंह गोदियाल, इकबाल सिंह भुल्लर, शिक्षिका दर्शना गौतम और सरदार बोबी भाटिया उपस्थित थे।
? बाबा साहेब आंबेडकर को पुष्पांजलि से शुरुआत
अधिवेशन की शुरुआत बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने से हुई। इसके बाद संस्था के समूहगान ने पूरे वातावरण को प्रेरणादायी बना दिया।
हर ओर एक ही भावना थी – “शिक्षा, संघर्ष और एकजुटता”।
? चौ. विनोद अम्बेडकर का ‘Pay Back to Society’ संदेश
अपने विषयगत प्रबोधन में चौ. विनोद अम्बेडकर ने कहा –
“आज समाज में शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन केवल डिग्री हासिल कर लेना काफी नहीं है। समाज में बदलाव के लिए हमें विचारधारा और संवेदनशीलता की शिक्षा भी लेनी होगी।”
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने 1956 में एक सूत्र दिया था – “Pay Back to Society”। इसका मतलब है कि जब आप कुछ बन जाएं, तो अपने पीछे छूट गए लोगों के लिए मनी, माइंड और टाइम से मदद करें।
लेकिन आज समस्या यह है कि हमारे समाज के कई लोग अकादमिक एजुकेशन तो ले लेते हैं, सरकारी नौकरी या बिज़नेस में सफल हो जाते हैं, पर ऑडियोलॉजिकल एजुकेशन यानी विचारधारा से जुड़ी शिक्षा की कमी रहती है। इस कमी के कारण वे समाज के उत्थान में योगदान नहीं दे पाते।
? शिक्षा और विचारधारा – दोनों जरूरी
विनोद अम्बेडकर ने स्पष्ट किया –
“शिक्षा आपको रोज़गार दिला सकती है, पर विचारधारा आपको इंसान और समाज का सच्चा हितैषी बनाती है।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई लोग, जो गरीबी और भेदभाव झेलते हुए आगे बढ़े, अब पीछे मुड़कर अपने ही समाज के कमजोर लोगों की मदद नहीं करते।
? बाबा साहेब का संघर्ष – सबक हमारे लिए
उन्होंने याद दिलाया कि बाबा साहेब ने हमें शिक्षा, रोजगार, व्यापार और वोट का अधिकार देने के लिए कितनी मुश्किलों का सामना किया।
“ये अधिकार सिर्फ हमारी व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने के लिए हैं।”
? ऑडियोलॉजिकल एजुकेशन क्यों है जरूरी?
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यह हमें समाज की ऐतिहासिक पीड़ा समझने में मदद करती है।
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यह हमें व्यक्तिगत लाभ से आगे बढ़कर सामूहिक हित में सोचने की प्रेरणा देती है।
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यह सामाजिक एकजुटता को मजबूत करती है।
? बड़ी संख्या में हुई भागीदारी
अधिवेशन में ई0 राकेश कुमार, सचिन कुमार वेदप्रकाश कन्नौजिया, मदनपाल सहदेव, एम0एस0 पंवार, सिद्धार्थ नागवंशी, सुरेश कांबोज, हरकेश हल्द्वानी, श्रीमती सुनीता मेवाराम, श्रीमती मंजू काशीपुर, श्रीमती रिया मित्रपाल सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष शामिल हुए।
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? संदेश जो हर युवा को सुनना चाहिए
Pay Back to Society-?इस अधिवेशन से निकला सबसे बड़ा संदेश यही था –
“डिग्री लो, नौकरी करो, आगे बढ़ो… लेकिन समाज को मत भूलो।”
हर शिक्षित व्यक्ति को अपने समाज के उत्थान में समय, पैसा और विचार देना चाहिए। यही बाबा साहेब के सपनों का असली भारत होगा।
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