मध्य पूर्व में बढ़ा युद्ध का खतरा! 9/11 जैसी धमकी के बीच होर्मुज को लेकर मचा वैश्विक हड़कंप

वाशिंगटन/ तेहरान
अमेरिका और ईरान के बीच धमकियों का दौर रुक नहीं रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद किए जाने से आगबबूला हो गए हैं, वहीं अमेरिका के लगातार हमलों के बाद ईरान भी बौखला गया है। इस बीच अब ईरान ने अमेरिका को बड़ी धमकी दे दी है। ईरान ने कहा है कि अमेरिका ने अगर जल्द ही अपने हमले नहीं रोके तो उस पर 9/11 जैसा होगा। इस धमकी के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तबाही की आशंका गहरा गई है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की चेतावनी दी थी। इसके कुछ घंटों बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने डरावनी धमकी दे डाली। IRGC ने अमेरिका को 9/11 जैसे हमले की धमकी देते हुए कहा कि अगर यह युद्ध जारी रहा तो अमेरिका में राष्ट्रीय शोक की स्थिति पैद कर जाएगी। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक IRGC ने अपने बयान में कहा, “अगर युद्ध जारी रहा तो हम ऐसे ऑपरेशन चलाएंगे, अमेरिका पछताएगा… अमेरिका में राष्ट्रीय शोक की नौबत आ जाएगी।”
9/11 को मची थी तबाही
बता दें कि अमेरिका में आखिरी बार 9/11 के हमलों के बाद ही राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई थी। 11 सितंबर 2001 को हुआ यह हमला अमेरिकी इतिहास का सबसे भयानक आतंकवादी हमला था। आतंकवादियों ने अमेरिकी यात्रियों से भरे 4 विमानों को हाइजैक कर लिया था। इनमें से 2 विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स से टकरा दिया गया। इससे 110-मंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। वहीं तीसरा विमान वर्जीनिया स्थित अमेरिकी रक्षा मंत्रालय से और चौथा विमान पेन्सिल्वेनिया के एक खेत में क्रैश हो गया। इस हमले में करीब 3000 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए।
ट्रंप की चेतावनी
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बौखलाए हुए हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान होर्मुज में किसी भी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका ईरान के किसी भी पुल और पावर प्लांट पर बमबारी करेगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “अब इसके बाद अगर ईरान ने होर्मुज में किसी भी जहाज पर हमला किया, चाहे वह मिसाइल से हो, रॉकेट से, ड्रोन से या दूसरे किसी हथियार से, तो अमेरिका ब्रिज या पावर प्लांट को बम से तबाह कर देगा। तेहरान के पास स्थित इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जाएगा।”
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक किसी भी संभावित युद्धविराम के लिए अमेरिका की पहली शर्त यह है कि ईरान वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद करे और होर्मुज पर सामान्य रूप से आवाजाही होने दे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक ईरान ने पिछले 3 महीनों में 30 से अधिक जहाजों पर हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने जून में हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है और जहाजों पर लगातार हमले किए हैं।
लगातार हमले कर रहा अमेरिका
अब अमेरिका ने ईरान पर बीते 2 सप्ताह से लगातार बमबारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका लगातार 12 दिनों से दक्षिणी ईरान में कई पुलों को निशाना बना चुका है। अमेरिका ने ईरान के अंडरग्राउंड न्यूक्लियर ठिकानों को निशाना बनाने की भी धमकी दी है। ट्रंप ने एक बयान में कहा था कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान के बेहद सुरक्षित 'पिकैक्स माउंटेन' परमाणु ठिकाने को निशाना बनाएगा। इसके जवाब में ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि अगर अमेरिकी सेना ऐसा कोई कदम उठाती है, तो ईरान इसे क्षेत्र में युद्ध का विस्तार मानेगा। इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों को और बड़े हमले करेगा।











