श्रावण मास गीत…

Listen to this ©राजेश श्रीवास्तव राज परिचय- गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश.   डम डम बोल रहा है डमरू, शिव के अंगना आज यहाँ।   सर्पों का श्रंगार किया है, लगा भस्म राख निज अंग। चंद्र भाल पर शोभामय है, पीकर झूमते सभी भंग।। औघड़ प्रेत भैरवी नाचे,लेकर ढोल मृदंग यहाँ। डम डम बोल रहा है डमरू,शिव … Continue reading श्रावण मास गीत…