सुडौल जिस्म के मालिक उसपे आर्मी का लिबास देख कर न जाने मन में कितनी तरंगें उठीं और दफ़न हुई। सब कहते थे कि मैं भी हुस्न व जमाल की परी लगती हूँ

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