©गुरुदीन वर्मा, आज़ाद परिचय– बारां, राजस्थान. इंसानियत बनाती है, धरती को जन्नत यारों। जिंदा रहे इंसानियत, मांगों ऐसी मन्नत…
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©गुरुदीन वर्मा, आज़ाद परिचय– बारां, राजस्थान. जी हाँ, मैं नहीं चाहता कि, बिगड़ जाये तुम्हारा काम, मेरी दर्द भरी…
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