the new era history
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दौर नया आया है…
©गायकवाड विलास परिचय- मिलिंद महाविद्यालय लातूर, महाराष्ट्र (मनहरण घनाक्षरी काव्य) सुनी गांव की गलियां, प्यारी-प्यारी थी सखियां, बीत…
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इस नए जमाने में अब…
©गायकवाड विलास परिचय- मिलिंद महाविद्यालय लातूर, महाराष्ट्र बिन सुने सामने से गुजर जाता है ये आदमी, इन्सान होकर भी…
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ऑनलाइन बुलेटिन : अब ये ज़माना नया हुआ है…
©गायकवाड विलास परिचय- मिलिंद महाविद्यालय लातूर, महाराष्ट्र दीया बनके जलें हम औरों के लिए, अंधेरा खत्म होते ही वो…
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