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भाजपा के 15 साल पर AAP के 8 साल पड़े भारी, MCD में बहुमत ले आए केजरीवाल; छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 15 का अंक पड़ा था भारी, पढ़ें | ऑनलाइन बुलेटिन डॉट इन

नई दिल्ली | [नेशनल बुलेटिन] | MCD Election Result: दिल्ली नगर निगम (Municipal Corporation of Delhi) के चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। 250 वार्डों वाली एमसीडी में अरविंद केजरीवाल की पार्टी को अब तक 130 सीटों पर बढ़त मिल चुकी है और भाजपा 107 सीटों पर ही आगे है। इस तरह आम आदमी पार्टी ने दिल्ली एमसीडी में चले आ रहे 15 सालों से भाजपा के राज को खत्म कर दिया है। यह बताना जरूरी है कि छत्तीसगढ़ में 15 साल सत्ता में रही भाजपा 15 सीटों पर सिमट गई। भाजपा पर 15 का अंक भरी पद रहा है। इसके साथ ही भाजपा की वापसी के चलते आ रहे रिवाज को भी बंद कर दिया है। साफ है कि अरविंद केजरीवाल का डबल इंजन सरकार का वही नारा काम कर गया है, जो तमाम प्रदेशों में पीएम नरेंद्र मोदी देते आए हैं।

 

एक तरफ कांग्रेस 8 सीटों पर ही जीत की ओर है तो वहीं भाजपा ने 97 पर जीत हासिल कर ली है और 10 पर आगे है। वहीं आम आदमी पार्टी ने 114 पर जीत हासिल कर ली है और 16 अन्य पर आगे चल रही है। अब ज्यादा वोटों की गिनती बाकी नहीं है। ऐसे में साफ है कि एमसीडी में अरविंद केजरीवाल की ही सरकार आ रही है। वोट प्रतिशत के लिहाज से बात करें तो भाजपा ने 39 फीसदी वोट हासिल किए हैं तो वहीं आम आदमी पार्टी 42 प्रतिशत वोट पाकर पहले नंबर पर रही है। कांग्रेस को महज 12 फीसदी वोट ही मिले हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस के वोटों में आई बड़ी कमी ने ही आम आदमी पार्टी को ताकत दी है।

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15 का अंक रहा भारी

 

मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ अलग राज्य की स्थापना के बाद से हुए विधानसभा आम चुनाव में भाजपा बड़ी पार्टी बनकर उभरी। यहां रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा 15 साल तक लगातार सत्ता पर रही। 15 साल बाद 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा का लगभग सूपड़ा ही साफ हो गया और वह महज 15 सीट ही जीत पाई। और कांग्रेस ने बढ़त बनाते हुए सत्ता पर काबिज हो गई। 15 साल के “सुशाशन” का नतीजा भाजपा को 15 सीट के रूप में मिला। ठीक यही हाल दिल्ली में भी सामने आया। यहां 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद भाजपा की हर हुई है।

 

 

सिसोदिया, सत्येंद्र जैन के इलाकों में ही लगा AAP को झटका

 

एमसीडी चुनाव के नतीजों में एक अलग ट्रेंड भी देखने को मिला है। एक तरफ मनीष सिसोदिया की पटपड़गंज विधानसभा में 4 वार्ड आते हैं, जिनमें से 3 पर आम आदमी पार्टी हार गई। इसके अलावा सत्येंद्र जैन की शकूरबस्ती विधानसभा की तीनों सीटों रानी बाग, पश्चिम विहार और सरस्वती विहार में AAP को झटका लगा है। वहीं भाजपा सांसदों की बात करें तो मीनाक्षी लेखी के संसदीय क्षेत्र नई दिल्ली में महज 5 वार्डों पर ही भाजपा जीती है, जबकि आम आदमी पार्टी ने 20 पर जीत हासिल की है।

 

कांग्रेस ने बिगाड़ दिया भाजपा का खेल, बीएसपी भी बनी फैक्टर

 

कांग्रेस को 2017 के निकाय चुनाव में 20 फीसदी के करीब वोट मिले थे, लेकिन इस बार वह 12 फीसदी पर ही सिमट गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के वोटों में आई 8 फीसदी की कमी ही एमसीडी में आम आदमी पार्टी को ताकत देने वाली रही है।

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माना जा रहा है कि कांग्रेस को वोट करने वाले गरीब और अल्पसंख्यक तबके के मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया क्योंकि वह ही भाजपा को हराने की स्थिति में थी।

 

इसके अलावा बीएसपी के वोटों में कमी ने भी आप को ही ताकत दी है। बसपा ने 2017 में 6 फीसदी वोट पाए थे, जो इस बार 2 पर्सेंट पर ही सिमट कर रह गई।

 

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