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अग्निपथ भर्ती पर भड़के युवाओं को मोदी सरकार ने बताया, यह अग्निपरीक्षा नहीं ‘मौका’ है, गिनाए फायदे agnipath bhartee par par bhadake yuvaon ko modee sarakaar ne bataaya, yah agnipareeksha nahin mauka hai, ginae phaayade

नई दिल्ली | [नेशनल बुलेटिन] | मोदी सरकार की सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ देशभर में आक्रोश देखा जा रहा है। कहीं गाड़ियों में आग लगा दी गई तो कहीं ट्रेन की पटरियां उखाड़ दी गईं। बिहार से हरियाणा तक आंदोलन हिंसक होता जा रहा है। ऐसे में सरकार युवाओं को स्कीम के फायदे समझाने की कोशिश कर रही है। वहीं विपक्ष का कहना है कि इस योजना के जरिए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाएगा और इससे सेना की गरिमा भी कम होगी।

 

युवाओं को समझाने के लिए अब सरकार ने अनौपचारिक रूप से एक फैक्ट शीट जारी की है। इसका टाइटल है, ‘ अग्निपथ, मिथक बनाम तथ्य।’ इस शीट के जरिए सरकार ने अपना पक्ष रखने की कोशिश की है। योजना को लेकर जो सवाल उठाए जा र हे हैं उनके जवाब इसमें दिए गए हैं।

 

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अग्निवीरों का भविष्य असुरक्षित?

 

सरकार का कहना है कि जो लोग आंत्रप्रेन्योर बनना चाहेंगे उन्हें वित्तीय सहायता और लोन उपलब्ध करवाया जाएगा। जो लोग आगे की पढ़ाई करना चाहेंगे उन्हें कक्षा 12 के समान सर्टिफिकेट दिया जाएगा और आगे की पढ़ाई के लिए ब्रिजिंग कोर्स उपलब्ध करवाया जाएगा। जो लोग नौकरी चाहते हैं उनको सीएपीएफ और राज्यों की पुलिस भर्ती में वरीयता दी जाएगी।

 

युवाओं के लिए कम हो जाएंगे अवसर?

 

सरकार के मुताबिक अग्निपथ स्कीम से युवाओं के लिए अवसर बढञेंगे। आने वाले सालों में वर्तमान से तीन गुनी ज्यादा भर्तियां होंगी।

 

रेजिमेंटल बॉन्डिंग पर पड़ेगा फर्क?

 

सरकार का कहना है कि रेजिमेंटल सिस्टम में कोई परिवर्तन नहीं किया जा रहा है। बेस्ट अग्निवीर को सेना में स्थायी किया जाएगा इसलिए उनमें आपसा तालमेल बढ़ेगा।

 

सशस्त्र बलों के इफेक्टिवनेस पर फर्क?

 

सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि इस तरह की शॉर्ट टर्म स्कीम ज्यादातर देशों में चलाई जा रही हैं और पहले से जांची परखी हैं। यह युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। पहले साल जितने अग्नीवीर भर्ती होंगे वे सेना के 3 फीसदी होंगे। चार साल बाद उन्हें सेना में स्थायी करने से पहले फिर से उनका ट्सेट होगा। इसलिए सेना में भर्ती होने वाले लोग पूरी तरह से जांचे परखे और ट्रेन्ड होंगे।

 

21 साल में परिपक्वता और विश्वसनीयता की कमी?

 

सरकार का कहना है कि दुनियाभर में ज्यादातर सेनाएं युवाओं पर ही निर्भर हैं। इस योजना के जरिए युवा और अनुभवी लोगों के बीच 50-50 का अनुपात करने की कोशिश की जाएगी। सरकार ने अग्निवीरों के समाज के लिए खतरा बनने के सवाल पर जवाब दिया कि ऐसा कहना भी सेना के मूल्यों का अपमान है। जो युवा एक बार यूनीफॉर्म पहनेगा वह जिंदगीभर देश की सेवा करेगा। आज भी सेना से रिटायर होने वाले लोग देशभक्त होते हैं और देश विरोधी संगठनों में शामिल नहीं होते।

 

 

 

 

Modi government told the youth furious over Agneepath recruitment, this is not an ordeal, it is a ‘chance’, the benefits are counted

 

New Delhi | [National Bulletin] | Outrage is being seen across the country against the ‘Agneepath’ scheme of recruitment in the Modi government’s army. Some vehicles were set on fire and at some places the tracks of the train were uprooted. The movement from Bihar to Haryana is turning violent. In such a situation, the government is trying to explain the benefits of the scheme to the youth. On the other hand, the opposition says that through this scheme the future of the youth will be played with and it will also reduce the dignity of the army.

 

In order to convince the youth, now the government has unofficially released a fact sheet. It is titled, ‘Agneepath, Myth Vs Facts’. Through this sheet, the government has tried to present its side. The questions that are being raised regarding the scheme have been answered in it.

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 Agniveers’ future insecure?

 

The government says that financial assistance and loans will be provided to those who want to become entrepreneurs. Those who wish to pursue further studies will be given a certificate similar to class 12 and a bridging course will be provided for further studies. Those who want jobs will be given preference in CAPF and state police recruitment.

 

 Will there be less opportunities for youth?

 

According to the government, the Agneepath scheme will increase opportunities for the youth. In the coming years, there will be three times more recruitment than the present.

 

Will there be a difference on regimental bonding?

 

The government says that no changes are being made in the regimental system. The best Agniveer will be made permanent in the army, so their rapport will increase.

 

 Difference in effectiveness of armed forces?

 

The government clarified that such short term schemes are being run in most countries and have been tested beforehand. This is a big opportunity for the youth. The number of Agniveers recruited in the first year will be 3 percent of the army. Four years later, he would have his tset again before he was made permanent in the army. Therefore, the people recruiting in the army will be thoroughly tested and trained.

 

 Lack of maturity and credibility at 21?

 

The government says that most armies around the world are dependent on youth. Through this scheme, an attempt will be made to create a 50-50 ratio between the young and the experienced. On the question of Agniveers becoming a threat to the society, the government replied that even saying so is an insult to the values ​​of the army. The youth who wears the uniform once will serve the country for the rest of his life. Even today people who retire from the army are patriots and do not join anti-national organizations.

 

 

 

“अग्निपथ” पर शहर- शहर संग्राम, ट्रेनों में आग, हाईवे पर जाम, बरसे पत्थर “agnipath” par shahar- shahar sangraam, trenon mein aag, haeeve par jaam, barase patthar

 

 

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