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भीम आर्मी के प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली में छत्तीसगढ़ अध्यक्ष राजकुमार जांगड़े सम्मानित bheem aarmee ke pratham raashtreey adhiveshan dillee mein chhatteesagadh adhyaksh raajakumaar jaangade sammaanit

नई दिल्ली | [नेशनल बुलेटिन] | भीम आर्मी भारत एकता मिशन का गठन उ.प्र. के सहारनपुर जिला के फतेहपुर गांव में 21 जुलाई 2015 को हुआ था। जिसके संस्थापक एड चंद्रशेखर आजाद व राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतनसिंह, राष्ट्रीय महासचिव कमलसिंह वालिया हैं।

 

भीम आर्मी भारत एकता मिशन के गठन का मुख्य उद्देश्य भीम आर्मी पाठ शाला के माध्यम से सम्पूर्ण बहुजन समाज को महुजन महापुरुषों का पहचान कराकर उनके द्वारा देश और समाज के लिए किए गए समाजिक उत्थान को जागरूकता करना। अन्याय शोषण के खिलाफ लड़ना सिखाना।

भारत के संविधान की रक्षा करना, आज भीम आर्मी भारत एकता मिशन को पूरे 7 वर्ष हुए हैं और इतने कम समय में भारत की कोने कोने तक ही नही पहुंचा बल्कि देश के साथ साथ विश्व में भी आज अपना पहचान बना चुका है। जो देश के साथ बहुजन समाज की बहुत ही बड़ा उपलब्धि है।

 

भीम आर्मी भारत एकता मिशन को पूरे 7 वर्ष होने पर 21 जुलाई 2022 को भारत देश की राजधानी दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया गया था।

जिसमे भीम आर्मी के संस्थापक एड चंद्रशेखर आजाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतनसिंह, राष्ट्रीय महासचिव कमलसिंह वालिया व पूरे राष्ट्रीय कमेटी के साथ 24 राज्य से भीम आर्मी के राज्य प्रमुख हिमांशु बाल्मीकि, महक सिंह, राज कुमार जांगड़े, सुनिल बेरसिया, बलवीर गलचा, लंकेश रावण के साथ सभी राष्ट्रीय कमेटी के साथ सभी राज्य प्रमुख व देश के सक्रिय लाखों पदाधिकारी कर्यकर्ताओं की मौजूदगी में भीम आर्मी संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष एएसपी कांशीराम एड चंद्रशेखर आजाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतनसिंह, राष्ट्रीय महासचिव कमलसिंह वालिया ने भीम आर्मी छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार जांगड़े का अशोक स्तंभ व भीम आर्मी उद्देशिका के मोमेंटो देकर किया सम्मानित।

 

वहीं राजकुमार जांगड़े ने अपने उद्बोधन में कहा कि मैं अपने खून पसीना लगाकर पूरी ईमानदारी से भीम आर्मी को अपने प्रदेश छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भीम आर्मी को मजबूत करूंगा। और एड चंद्रशेखर आजाद को देश के तानाशाहियों के खिलाफ लड़ने में कंधा को बजबूत करूंगा व बहुजन समाज को इस देश का हुक्मरान बनाने में जीतोड़ मेहनत करूंगा।

 

 

chhattisgarh president rajkumar jangde honored at first national convention of bhim army in delhi

 

 

New Delhi | [National Bulletin] | Formation of Bhim Army Bharat Ekta Mission K was born on 21 July 2015 in Fatehpur village of Saharanpur district. Its founder is Ed Chandrashekhar Azad and National President Vinay Ratan Singh, National General Secretary Kamal Singh Walia.

 

The main objective of the formation of Bhim Army Bharat Ekta Mission is to make the entire Bahujan Samaj aware of the social upliftment done by them for the country and society by making the entire Bahujan Samaj aware of the Mahapurushas through Bhim Army Path Shala. To teach to fight against injustice and exploitation.

To protect the Constitution of India, today Bhim Army Bharat Ekta Mission has completed 7 years and in such a short time has not only reached every corner of India but has made its mark in the country as well as in the world today. Which is a great achievement of the Bahujan Samaj along with the country.

 

The first national convention was organized on 21 July 2022 at the Tal Katora Stadium in Delhi, the capital of India, to mark the completion of 7 years of Bhim Army Bharat Ekta Mission.

 

In which Bhim Army founder Ed Chandrashekhar Azad, National President Vinay Ratan Singh, National General Secretary Kamal Singh Walia and the entire National Committee along with Bhim Army State Chief Himanshu Balmiki, Mehak Singh, Raj Kumar Jangde, Sunil Berasia, Balveer Galcha, Lankesh Ravan from 24 states Bhim Army Founder and National President ASP Kanshiram Ed Chandrashekhar Azad, National President Vinay Ratan Singh, National General Secretary Kamal Singh Walia, Bhim Army Chhattisgarh State President Rajkumar Jangde in the presence of all the National Committee along with all the State Chiefs and active lakhs of office bearers of the country. Honored by giving mementos of Ashoka Pillar and Bhim Army objective.

On the other hand, Rajkumar Jangde said in his speech that by sweating my blood, I will sincerely strengthen the Bhim Army in all the districts of my state Chhattisgarh. And I will strengthen my shoulder in fighting against the dictatorships of the country to Ed Chandrashekhar Azad and will work hard to make Bahujan Samaj the ruler of this country.

 

 

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