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‘काकतीय वंश’ जिसके जरिए भाजपा के ‘राष्ट्रवाद’ को चुनौती देगी TRS, जानें क्या है kaakateey vansh jisake jarie bhaajapa ke raashtravaad ko chunautee degee trs, jaanen kya hai

हैदराबाद [ तेलंगाना बुलेटिन] | टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार काकतीय वंश के समृद्ध इतिहास का जश्न मनाने के लिए गुरुवार से एक सप्ताह तक कई कार्यक्रम करेगी। आईटी एवं उद्योग मंत्री व टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष रामा राव और राज्य के पर्यटन, संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री वी श्रीनिवास गौड़ ने मंगलवार को काकतीय कार्यक्रम पर एक ब्रोशर जारी किया। रामा राव तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस सुप्रीमो के चंद्रशेखर राव (KCR) के बेटे हैं।

 

बता दें कि काकतीय शासनकाल में निर्मित तालाबों का इस्तेमाल आज भी किया जाता है। 3 जुलाई को हैदराबाद के परेड ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काकतीय वंश की प्रशंसा की और तेलंगाना के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास पर भी अपनी बात रखी थी।

 

वारंगल में थी काकतीयों की राजधानी

 

काकतीय राजवंश ने 12वीं और 14वीं शताब्दी के दौरान वर्तमान तेलंगाना और आंध्र प्रदेश क्षेत्र पर हुकूमत की थी। उसकी राजधानी तेलंगाना स्थित वारंगल हुआ करती थी। मंत्री गौड़ ने ट्वीट किया, ‘काकतीय वैभव सप्तम’ नाम का यह कार्यक्रम सात से 13 जुलाई तक चलेगा। वारंगल में होने वाले कार्यक्रम को लोकप्रिय बनाने के लिए, राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के बस्तर से काकतीय वंशज कमल चंद्र भंज देव को भी मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।

 

काकतीय शासनकाल में निर्मित तालाबों का इस्तेमाल आज भी किया जाता है। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की सरकार ने अपनी ‘मिशन काकतीय’ योजना के तहत इनमें से कई तालाबों को पुनर्जीवित किया है। काकतीय-युग की विशिष्ट शैली की भव्य वास्तुकला वारंगल के पास स्थित हजार स्तंभ मंदिर और रामप्पा मंदिर में देखी जा सकती है।

 

पीएम मोदी ने भी किया था काकतीयों का जिक्र

 

हाल ही में भाजपा ने हैदराबाद में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की थी। बैठक के बाद 3 जुलाई को हैदराबाद के परेड ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काकतीय वंश की प्रशंसा की और तेलंगाना के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास पर भी अपनी बात रखी थी। राज्य में टीआरएस को चुनौती देने के लिए पूरी तरह से तैयार भाजपा आक्रामक रूप से राष्ट्रवाद के मुद्दे को भुनाती आ रही है। ऐसे में टीआरएस ने भी भगवा पार्टी को रोकने के लिए क्षेत्रवाद और तेलंगाना गौरव का सहारा लिया है। काकतीय उत्सव कार्यक्रम आयोजित करना इस रणनीति का हिस्सा लगता है।

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हर भाषण में काकतीयों की तारीफ करते हैं सीएम केसीआर

 

अपने चुनाव अभियानों में, टीआरएस ने हमेशा “जय तेलंगाना” के नारे पर केंद्रित पार्टी के प्रमुख चुनावी मुद्दे उठाए। सीएम केसीआर जब भी तेलंगाना के बारे में बोलते हैं तो काकतीयों की तारीफ करते हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक सप्ताह भर चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के युवाओं में काकतीयों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उनमें क्षेत्रीय गौरव की भावना पैदा करना है।

 

टीआरएस सरकार ने राज्य में पानी की टंकियों, तालाबों और झीलों के पुनरुद्धार के लिए अपनी योजना का नाम “मिशन काकतीय” रखा है। यह एक तरह से काकतीय शासकों को श्रद्धांजलि देने जैसा है। कहा जाता है कि काकतीय शासकों ने बारिश के पानी का संचयन और भंडारण व भूजल स्तर को बढ़ावा देने के लिए पूरे क्षेत्र में 50,000 से अधिक पानी के टैंकों को चालू किया था। तेलंगाना सरकार के लोगो में भी काकतीय वंश का विशिष्ट मिहराब (arch) भी है। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, वारंगल के पास रामप्पा मंदिर और हजार स्तंभ मंदिर काकतीय वास्तुकला के प्रतिष्ठित उदाहरण हैं।

 

तेलंगाना के लिए खास है काकतीयों का मुद्दा

 

तेलंगाना के राजनीतिक दलों के लिए, काकतीयों को मनाना एक बड़ा खास मुद्दा है। यह उनके लिए क्षेत्रवाद और तेलंगाना की भावनाओं को बढ़ावा देने जैसा है। अगले साल के अंत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के मद्देनजर टीआरएस विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों के बीच मजबूत क्षेत्रीय गौरव को फिर से जगाने की कोशिश कर रही है। इसमें वारंगल में पैदा हुए पूर्व पीएम स्वर्गीय पी वी नरसिम्हा राव की विरासत का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम भी शामिल है। भाजपा लंबे समय से टीआरएस पर दबाव बना रही है।

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 ‘Kakatiya dynasty’ through which TRS will challenge BJP’s ‘nationalism’, know what is it

 

 

Hyderabad [Telangana Bulletin] | The TRS (Telangana Rashtra Samithi)-led Telangana government will hold several programs for a week from Thursday to celebrate the rich history of the Kakatiya dynasty. IT and Industry Minister and TRS working president Rama Rao and State Tourism, Culture and Archeology Minister V Srinivas Gaur released a brochure on the Kakatiya program on Tuesday. Rama Rao is the son of Telangana Chief Minister and TRS supremo K Chandrasekhar Rao (KCR).

 

Please tell that the ponds built during the Kakatiya reign are still used today. Addressing a public meeting at the Parade Ground in Hyderabad on July 3, Prime Minister Narendra Modi praised the Kakatiya dynasty and spoke about the rich cultural history of Telangana.

 

 Warangal was the capital of Kakatiyas

 

The Kakatiya dynasty ruled the present-day Telangana and Andhra Pradesh region during the 12th and 14th centuries. Its capital used to be Warangal in Telangana. Minister Gaur tweeted, this program named ‘Kakatiya Vaibhav Saptam’ will run from July 7 to 13. To popularize the program to be held in Warangal, the state government has also invited Kamal Chandra Bhanj Dev, a Kakatiya descendant from Bastar, Chhattisgarh, as the chief guest.

 

The ponds built during the Kakatiya reign are still used today. The Telangana Rashtra Samithi (TRS) government has revived many of these ponds under its ‘Mission Kakatiya’ scheme. The grand architecture of the typical Kakatiya-era style can be seen in the Thousand Pillar Temple and Ramappa Temple near Warangal.

 

PM Modi had also mentioned the Kakatiyas

 

Recently BJP organized a meeting of the National Executive in Hyderabad. Addressing a public meeting at Parade Ground in Hyderabad on July 3 after the meeting, Prime Minister Narendra Modi praised the Kakatiya dynasty and spoke on the rich cultural history of Telangana. The BJP, well prepared to challenge the TRS in the state, has been aggressively raking up the issue of nationalism. In such a situation, TRS has also resorted to regionalism and Telangana pride to stop the saffron party. Organizing Kakatiya Utsav events seems to be part of this strategy.

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 CM KCR praises Kakatiyas in every speech

 

In its election campaigns, the TRS always raised the party’s major electoral issues centered on the slogan “Jai Telangana”. Whenever CM KCR speaks about Telangana, he praises the Kakatiyas. According to a report in The Indian Express, the week-long event aims to raise awareness about the Kakatiyas among the youth of the state and instill a sense of regional pride in them.

 

The TRS government has named its scheme “Mission Kakatiya” for the revival of water tanks, ponds and lakes in the state. It is like paying tribute to the Kakatiya rulers in a way. The Kakatiya rulers are said to have commissioned over 50,000 water tanks across the region to harvest and store rainwater and boost groundwater levels. The people of the Telangana government also have a distinctive arch of the Kakatiya dynasty. A UNESCO World Heritage Site, Ramappa Temple and Thousand Pillar Temple near Warangal are iconic examples of Kakatiya architecture.

 

The issue of Kakatiyas is special for Telangana.

 

For the political parties of Telangana, celebrating the Kakatiyas is a major issue. For them, it is like promoting the sentiments of regionalism and Telangana. TRS is trying to rekindle the strong regional pride among the people through various programs in view of the state assembly elections due later next year. It also includes an event organized to celebrate the legacy of late PV Narasimha Rao, former PM born in Warangal. BJP has been putting pressure on TRS for a long time.

 

ना झुका किसी के आगे na jhuka kisee ke aage

 

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