.

मायावती बोलीं- सत्यापन की आड़ में मुफ्त राशन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए maayaavatee boleen- satyaapan kee aad mein mupht raashan se vanchit nahin kiya jaana chaahie

लखनऊ | [उत्तर प्रदेश बुलेटिन] | बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो बहन मायावती ने कहा है कि राज्यपाल अनंदी बेन पटेल द्वारा संयुक्त अधिवेशन में दिया गया अभिभाषण जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहा है। यह जन उपेक्षा जैसा है। यह भी कहा कि सत्यापन की आड़ में मुफ्त राशन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

 

मायावती ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि अभिभाषण में राज्य सरकार को हर प्रकार का क्लीन चिट देना और विकास आदि के भारी-भरकम सरकारी दावों का समर्थन करना समझ से परे है। राज्यपाल के माध्यम से सरकार जनहित, जनकल्याण और जनसुरक्षा आदि से जुड़ी कड़वी जमीनी वास्तविकताओं का थोड़ा भी नोट लेती तो लोगों को अच्छे दिन की उम्मीद बंधती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

 

उन्होंने कहा कि अभिभाषण के दौरान ‘राज्यपाल वापस जाओ’ का नारा लगाना भी उचित नहीं है, क्योंकि राज्यपाल को वही पढ़ना था जो सरकार ने लिखकर दिया। बेहतर होता चर्चा के दौरान सीधा सरकार को घेरा जाता।

 

राजभवन को भी इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि राज्य सरकार आमजनहित के मामले में, प्राथमिकता पर सही फैसले ले और कानून के हिसाब से चले, तभी लोगों का जान-माल व धर्म सुरक्षित रहेगा।

 

मायावती ने कहा कि वैसे कुछ लोगों के अच्छे दिन जरूर आ गए हैं, उनके लिए कानून मायने नहीं रखता। रेत माफिया व थाने में घुसकर पुलिस की पिटाई की खबरें आम हैं। आमजनता का हर मामले में बुरा हाल है। विकास व गवरनेंस की स्थिति अच्छी नहीं है।

 

महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, अराजकता, जातिवाद, सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी व माफियागिरी से जनता त्रस्त है। सरकार को अब आगे व्यापक जनहित, जनकल्याण व विकास के सही काम करके दिखाना होगा।

 

 

Mayawati said – Free ration should not be denied under the guise of verification

 

 

Lucknow | [Uttar Pradesh Bulletin] | Bahujan Samaj Party (BSP) supremo Behen Mayawati has said that the address given by Governor Anandiben Patel in the joint session is not matching with the ground reality. This is like public neglect. It also said that free ration should not be denied under the guise of verification.

 

In a statement issued on Tuesday, Mayawati said that it is incomprehensible to give all kinds of clean chit to the state government in the address and support the lofty government claims of development etc. If the government, through the governor, had taken a little note of the bitter ground realities related to public interest, public welfare and public security etc., people would have expected a good day, but it did not happen.

 

He said that it is also not appropriate to raise the slogan ‘Go back to the Governor’ during the address, as the Governor had to read what the government had given in writing. It would have been better if the government would have been surrounded directly during the discussion.

 

The Raj Bhavan should also take special care that in the matter of public interest, the state government should take the right decisions on priority and follow the law, only then the life, property and religion of the people will be safe.

 

Mayawati said that although the good days of some people have definitely come, for them the law does not matter. Reports of sand mafia and police beating after entering the police station are common. The public is in bad shape in every respect. The condition of development and governance is not good.

 

People are suffering from inflation, poverty, unemployment, anarchy, casteism, communalism, corruption, hooliganism and mafiagiri. The government will now have to show the right work for the wider public interest, public welfare and development.

 

 

इस किसान ने उगाया 14 इंच का केला, देश-विदेश से आ रहे ऑर्डर is kisaan ne ugaaya 14 inch ka kela, desh-videsh se aa rahe ordar

 

 

इस किसान ने उगाया 14 इंच का केला, देश-विदेश से आ रहे ऑर्डर is kisaan ne ugaaya 14 inch ka kela, desh-videsh se aa rahe ordar

 

Related Articles

Back to top button