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जिस पार्टी का कोई नामलेवा भी नहीं उसे चंदे में मिल गए 90 करोड़, झोपड़ी में है पार्टी का ऑफिस | ऑनलाइन बुलेटिन

नई दिल्ली | [नेशनल बुलेटिन] | राजनीतिक पार्टियां अपनी ज़रूरतों के लिए लोगों से donation (चंदा) मांगती है. कई बार यही चंदा कुछ लोगों के लिए हेराफेरी और अवैध कारोबारों का ज़रिया भी बन जाता है. ऐसी ही एक पार्टी मुंबई की झुग्गी-बस्ती में मिली है. इसका दफ्तर एक छोटी सी झोपड़ी में हैं. पता चला है कि इस political party (पार्टी) को चंदे के रूप में 90 करोड़ रुपये मिले हैं. इतनी बड़ी रकम का चंदा मिलने पर income tax department (इनकम टैक्स विभाग) के कान भी खड़े हो गए हैं. अब जांच की जा रही है कि चुनावों में जिस पार्टी का नाम तक कोई नहीं जानता, आखिर उसे इतने पैसे कहां से मिल गए.

 

इस पार्टी का नाम जनतावादी कांग्रेस है. इसका हेड ऑफिस मुंबई के चूनाभट्टी इलाके की एक झोपड़ी में है. 2015 में बनी इस पार्टी का नाम भले ही कोई न जानता हो लेकिन इसे चंदे के रूप में 90 करोड़ रुपये मिले हैं. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को शक है कि ये पैसे हवाला के ज़रिए लाए गए हैं और पार्टी के नाम पर इन्हें ब्लैक से व्हाइट करने की कोशिश की गई है.

 

चुनावों में नहीं मिली कोई कामयाबी

 

जनतावादी कांग्रेस रजिस्टर्ड तो है लेकिन चुनावी राजनीति में इसे कोई जानता नहीं है. पार्टी के अध्यक्ष संतोष काटके का कहना है कि पार्टी को मिले इतने चंदे को उन्होंने पार्टी के काम में खर्च किया है. संतोष काटके का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है. वैसे इस पार्टी ने साल 2018 में राजस्थान और मध्य प्रदेश में विधानसभा का चुनाव भी लड़ा लेकिन उसे कहीं कोई सफलता नहीं हासिल हुई.

 

इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पार्टी की ओर से खर्च का जो ब्योरा दिया गया है वह पूरी तरह से फर्जी है. बुधवार को इनकम टैक्स की छापेमारी में 123 रजिस्टर्ड लेकिन अनजान पार्टियों को रडार पर लिया गया था. इसमें बड़े लेवल पर हेराफेरी के मामले सामने आए हैं. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, देशभर में ऐसे लगभग 2,000 पार्टियां हैं जिन्हें कोई नहीं जानता. आशंका है कि हवाला कारोबारी इन पार्टियों का इस्तेमाल करके पैसे ट्रांसफर करते हैं.

 

 

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