Book Village India- भिलार: एक गांव जहां हर घर है लाइब्रेरी – भारत के ‘बुक विलेज’ की जादुई सैर!
Book Village India- ?✨

? कल्पना कीजिए एक ऐसा गांव…
जहां खेतों की मिट्टी में किताबों की खुशबू हो, जहां घरों की दीवारों पर साहित्य की कला हो, और जहां हर गली की राह आपको एक नई किताब की दुनिया में ले जाए।
आप सोच रहे होंगे – क्या ऐसा गांव सच में है?
हां, है!
और इसका नाम है भिलार – महाराष्ट्र का एक छोटा सा गांव जिसे अब जाना जाता है ‘भारत के पहले पुस्तक गांव’ के नाम से।
? कहां है ये अनोखा गांव?
Book Village India- ?✨ भिलार महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित है, पंचगनी और महाबलेश्वर की सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसा हुआ एक शांत, सुंदर गांव।
यहां की आबादी मात्र 2800 के करीब है और कुल मिलाकर सिर्फ़ ढाई सौ परिवार रहते हैं। लेकिन… इस छोटे से गांव ने जो काम किया है, वह पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है।
? भिलार क्यों है ‘पुस्तकों का गांव’?
यहां हर घर एक लाइब्रेरी है।
Book Village India- ?✨ हर घर एक अलग विषय की किताबों से सुसज्जित है – जैसे कोई घर इतिहास पर केंद्रित है, कोई कविता पर, कोई आत्मकथा पर, तो कोई विज्ञान और पर्यावरण पर।
यहां की गली-गली में किताबें हैं – वो भी हिंदी, मराठी और अंग्रेजी – तीनों भाषाओं में।
? हर घर में 400 से 500 किताबें!
?️ हर दीवार पर चित्र, साहित्य और संस्कृति के दृश्य!
? हर पाठक के लिए आरामदायक कुर्सी, टेबल और रीडिंग स्पेस!
? क्या-क्या मिलेगा इस गांव में?
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हर घर एक लाइब्रेरी – आप गली में लगे बोर्ड देखकर अपनी पसंद की विषय वाली लाइब्रेरी चुन सकते हैं।
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साहित्य, कला, धर्म, विज्ञान, बच्चों की किताबें – सब कुछ!
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बैठने और पढ़ने की उत्तम व्यवस्था।
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कुछ घरों में ठहरने और खाने का भी प्रबंध।
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पुस्तकों के साथ स्ट्रॉबेरी फार्म्स का आनंद।
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गांव में दो खास रेस्टोरेंट – स्थानीय और चटपटा खाना भी।
? भिलार में क्यों जाएं?
1. पढ़ाई के शौकीनों के लिए स्वर्ग
अगर आप पढ़ने के शौकीन हैं, तो भिलार आपके लिए एक ड्रीम डेस्टिनेशन है।
2. परिवार संग एक अलग अनुभव
बच्चों को किताबों की दुनिया से जोड़ना है? उन्हें भिलार ले जाइए।
3. छुट्टियों में मन को दें मानसिक सुकून
यहां की शांति, प्राकृतिक सौंदर्य और पुस्तक-संगति, मन और आत्मा दोनों को शांत कर देती है।
4. साहित्य महोत्सव का आनंद
दीवाली, क्रिसमस और गर्मियों की छुट्टियों में यहां साहित्यिक महोत्सव आयोजित होते हैं।
? नौशाद और आनंद बक्शी भी आते थे यहां!
जी हां!
सुप्रसिद्ध संगीतकार नौशाद और गीतकार आनंद बक्शी जब भी मुंबई की भीड़-भाड़ से थक जाते थे, तो सीधा भिलार चले आते थे – सुकून और रचनात्मक ऊर्जा के लिए।
? दुनियाभर से लोग खिंचे चले आते हैं!
डॉ. प्रवेश सक्सेना, जो “पुस्तकों की नियति” जैसी चर्चित किताब की लेखिका हैं, मानती हैं कि ये गांव ब्रिटेन के वेल्स में स्थित Hay-on-Wye (Hey-on-Way) जैसे ‘बुक टाउन’ की प्रतिकृति है।
इस विचार को साकार किया विनोद तावड़े के विजन और गांववालों की कड़ी मेहनत ने।
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? भिलार: भारत का पहला Book Village – क्यों है ये ख़ास?
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| राज्य | महाराष्ट्र (सतारा जिला) |
| खासियत | हर घर में लाइब्रेरी |
| भाषाएं | मराठी, हिंदी, अंग्रेजी |
| विषय | इतिहास, धर्म, विज्ञान, आत्मकथा, कविता, बच्चों की पुस्तकें |
| पर्यटक सुविधाएं | रीडिंग स्पेस, ठहराव, भोजन, साहित्य महोत्सव |
| प्रेरणा | ब्रिटेन का Hay-on-Wye |

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