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कोरबा में हड़ताली महिला कर्मचारियों ने पंडाल में मनाई तीज, रचाई मेहंदी koraba mein hadataalee mahila karmachaariyon ne pandaal mein manaee teej, rachaee mehandee

कोरबा | [छत्तीसगढ़ बुलेटिन] | hartalika teej 2022: छत्तीसगढ़ में पिछले 9 दिनों से DA और HRA की मांग को लेकर बीते 9 दिनों से हड़ताल चल रही है. इसलिए सरकारी कर्मचारी महिलाओं का कहना है कि “हम निर्जला व्रत के दौरान भी हड़ताल में कायम हैं. यह बड़ा दुखद है कि छत्तीसगढ़ का पारंपरिक पर्व हमें हड़ताल वाले पंडाल में मनाना पड़ रहा है (Women employees on strike celebrated Teej).

 

पिछले 9 दिनों से DA और HRA की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर हैं. कोरबा में तानसेन चौक स्थित हड़ताल पंडाल में महिलाओं ने आज तीजा का त्यौहार मनाया. (hartalika teej). महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रख हरतालिका तीजा मनाती हैं (teej in officers employees strike in chhattisgarh).

 

जिले के ग्रामीण क्षेत्र कोथारी से जिला मुख्यालय के हड़ताल में शामिल होने शिक्षिका पहुंची हुई हैं. शिक्षिका का कहना है कि “तीजा का त्यौहार छत्तीसगढ़ का लोक पर्व है. इसे बहुत हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाता है. यह बड़ा दुखद है कि छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं बावजूद इसके हमें यह त्यौहार पंडाल में बैठकर मनाना पड़ रहा है. लेकिन हमें यह उम्मीद भी है कि सीएम की ओर से हमें तीज के इस निर्जला व्रत का फल मिलेगा. सीएम चाहे तो हमारी डीए और एचआरए की मांग को पूरा कर इस दुख को खुशी में बदल सकते हैं”

 

तीजपंडाल में मनाएंगे तीज

 

(Women employees on strike celebrated Teej). सरकारी विभाग में बतौर क्लर्क के तौर पर कार्यरत संतोषी सिंह पंडाल में बैठकर ही साथी महिला कर्मचारी के हाथ में मेहंदी रचा रही थीं. संतोषी का कहना है कि तीजा वाले दिन हम मायके जाते हैं. खुशी खुशी हम परिवार में आने वाले मेहमानों का स्वागत करते हैं. पति की लंबी आयु के लिए हम निर्जला व्रत रखते हैं. लेकिन इस वर्ष हमने पंडाल में ही तीजा का पर्व मनाया है. हमारे कर्मचारी भाइयों ने इंतजाम किया था. हमें ऐसा लगा जैसे हम घर में ही तीजा मना रहे हैं. लेकिन त्यौहार के दिन पंडाल में बैठना दुखद तो है. भले ही हमें रात भर बैठना पड़े. हम यहीं बैठकर तीजा मनाएंगे, हम शासन से अपनी मांगे मनवा कर रहेंगे”.

 

कई महिलाएं पूजा कर चली गई

 

(Women employees on strike celebrated Teej). मुख्यालय के तानसेन चौक में हड़ताल पर बैठे सरकारी कर्मचारियों ने पंडाल बना रखा है. यहां मंगलवार को तीजा के पर्व का आयोजन किया गया था. सरकारी कर्मचारियों के ही कुछ शिक्षक पंडित भी हैं. जूना ने मंत्रोच्चार किया और महिलाओं ने आरती की थाल सजाकर पूजा अर्चना की. तीजा की पूजा यहां करने के बाद कुछ महिला कर्मचारी घर लौट गए. जबकि कुछ हड़ताल वाले पंडाल में ही डटे हुए हैं.

 

तानसेन चौक अब हड़ताल चौक बन गया

 

तानसेन चौक में ही इन दिनों सरकारी कर्मचारियों के अलावा एनटीपीसी के भू विस्थापित और सरपंच संघ भी हड़ताल पर बैठे हुए हैं. एनटीपीसी के विस्थापित रोजगार. पुनर्वास और नौकरी जैसी मांग को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. जबकि सरपंच संघ अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर शासन के विरुद्ध मोर्चा खोले हुए हैं. तानसेन चौक में वर्तमान में तीन अलग-अलग पंडाल लगे हुए हैं. एक में सरकारी कर्मचारी दूसरे में एनटीपीसी के विस्थापित जबकि तीसरे में सरपंच संघ के पदाधिकारी धरना दे रहे हैं. (Women employees on strike celebrated Teej).

 

 

In Korba, striking women employees celebrated Teej in the pandal, made Mehndi

 

Korba | [Chhattisgarh Bulletin] | hartalika teej 2022: For the last 9 days, a strike is going on in Chhattisgarh for the last 9 days demanding DA and HRA. That’s why the government employees women say that “we are on strike even during the Nirjala fast. It is very sad that we have to celebrate the traditional festival of Chhattisgarh in a strike pandal (Women employees on strike celebrated Teej).

 

Government employees of Chhattisgarh are on strike for the last 9 days demanding DA and HRA. Women celebrated the festival of Teeja today at the strike pandal located at Tansen Chowk in Korba. (hartalika teej). Women celebrate Hartalika Teeja by observing Nirjala fast for the long life of their husband (teej in officers employees strike in chhattisgarh).

 

The teacher has reached the district headquarters from Kothari in the rural area of ​​the district to join the strike. The teacher says that “Teeja festival is the folk festival of Chhattisgarh. It is celebrated with great enthusiasm. It is very sad that despite the Chief Minister of Chhattisgarh in Chhattisgarh, we have to celebrate this festival by sitting in the pandal. But we have to celebrate it. It is also expected that we will get the fruits of this nirjala fast of Teej from the CM side. If the CM wants, he can convert this sorrow into happiness by fulfilling our DA and HRA demands.

 

Teej will be celebrated in the pandal

 

(Women employees on strike celebrated Teej). Santoshi Singh, who was working as a clerk in a government department, was making mehendi on the hands of a fellow female employee while sitting in the pandal. Santoshi says that we go to the maternal home on the day of Teeja. Happily we welcome guests visiting the family. We keep Nirjala fast for the long life of our husband. But this year we have celebrated the festival of Teeja in the pandal itself. Our staff brothers had made arrangements. We felt as if we were celebrating Teeja at home. But it is sad to sit in the pandal on the day of the festival. Even if we have to sit all night. We will sit here and celebrate Teeja, we will keep our demands from the government.

 

 Many women went to worship

 

(Women employees on strike celebrated Teej). Government employees sitting on strike have made a pandal in the Tansen Chowk of the headquarters. The festival of Teeja was organized here on Tuesday. Some teachers of government employees are also pundits. Juna chanted mantras and women offered prayers by decorating aarti plate. After worshiping Teeja here, some women workers returned home. While some of the strikers are standing in the pandal itself.

 

 Tansen Chowk has now become a strike square

 

In Tansen Chowk these days apart from government employees, land displaced and sarpanch unions of NTPC are also sitting on strike. Displaced employment of NTPC. Agitating against NTPC management for demands like rehabilitation and jobs. While the Sarpanch Sangh is opening a front against the government for its 13-point demands. At present there are three different pandals in Tansen Chowk. In one, the government employees are displaced by NTPC, in the second, the Sarpanch Sangh officials are staging a sit-in. (Women employees on strike celebrated Teej).

 

 

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