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अजा-अजजा सामाजिक व कर्मचारी संगठन समन्वय समिति छत्तीसगढ़ द्वारा सड़क की लड़ाई का शंखनाद | ऑनलाइन बुलेटिन

रायपुर | (छत्तीसगढ़ बुलेटिन) | आरक्षण रोस्टर विहीन पदोन्नति एवं पदोन्नति से वंचित शिक्षक एलबी संवर्ग को समयमान वेतनमान दिए जाने सात साल की बाध्यता को समाप्त कर 3 वर्ष करने सहित बिना आरक्षण रोस्टर को विभिन्न विभागों में की गई समस्त पदोन्नतियां निरस्त करने की मांग के लिए अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति सामाजिक तथा कर्मचारी संगठन समन्वय समिति छत्तीसगढ़ द्वारा सड़क की लड़ाई का शंखनाद की घोषणा की गई है।

 

विदित हो कि हमारे शिक्षा मंत्री जो कि अनुसूचित जनजाति वर्ग से ही आते हैं के द्वारा 32% आदिवासी को एवं 13% अनुसूचित जाति वर्ग को प्रतिनिधत्व से वंचित करने आदेश दिया गया है जो कि सरासर अनुसूचित वर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों पर कुठाराघात है। इसके लिए सरकार को और शासन के नुमाइंदों को इस संयुक्त संगठन के माध्यम से आवेदन दिया जाएगा कि तत्काल इस पदोन्नति प्रक्रिया में रोक लगाई जावे यदि मांगे नियत समय में नहीं मानी जाती है तो पदोन्नति में आरक्षण की बहाली हेतु पुनः सामाजिक और कर्मचारी संगठन विभिन्न स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन के साथ सड़क पर धरना आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

 

वर्तमान में चल रही नियम विरुद्ध पदोन्नति प्रक्रिया में समस्या सुझाव तथा निराकरण हेतु निगरानी समिती का गठन।

 

उक्त संबंध से 14 जनवरी को वर्चुअल बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार शिक्षक एलबी संवर्ग की 32 हजार से अधिक पदों की आरक्षणविहीन पदोन्नति से अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की भागीदारी नगण्य है। एक ही तिथि को नियुक्त शिक्षक अलग-अलग वेतनमान तथा पद में भिन्न हो रहे हैं। जिसके कारण अत्यधिक आर्थिक विषमता सामने आएगी। वर्चुअल बैठक में सर्वसम्मत से तय हुआ कि इस विषमता को दूर करने एवं समय मान वेतनमान नियमों में संशोधन 7 वर्ष की जगह 3 वर्ष किए जाने कि मांग रखने साथ ही आरक्षणविहीन पदोन्नति में नियमों, वरिष्ठता सहित अन्य विसंगति के निगरानी के लिए एक निगरानी व सतर्कता समिती का गठन किया जाय।

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उक्त निगरानी समिती राज्य में आरक्षण सहित एससी-एसटी हित में कार्य करने वाले समूह, संघ और समाजिक संगठनों से चर्चा करेगी और आंदोलन और वर्तमान पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर तथा विषयानुसार रोस्टर नियमों को लागू नहीं करने की जांच तथा शिक्षकों की परेशानी को दूर कर उन्हें मदद कर समस्या का निराकरण करेगी।

 

समिति में प्रमुख रूप से कृष्ण कुमार नवरंग, भोलाराम मरकाम, जितेंद्र पाटले, सुरेश कुमार दिवाकर, मोहन बंजारे राधेश्याम टंडन शिव सारथी एम के राणा चेतन चतुर्वेदी दिनेश बर्वे राम कुमार ठाकुर प्यासी बघेल सामिल हैं। एक दो दिन में समिति के सुझाव के आधार पर ब्लॉक ज़िला संभाग राज्य स्तर पर चरण बद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर अनुसूचित जाति जनजाति सामाजिक तथा कर्मचारी संगठन समन्वय समिति के बैनर तले विशाल आंदोलन की तैयारी की जाएगी।

 

बैठक में प्रगतिशील सतनामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष मोहन बंजारे, सतनामी समाज छत्तीसगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश दिवाकर महासंघ के राधेश्याम टंडन, अजाक्स से शिव सारथी, सोशल जस्टिस लीगल फाउंडेशन से जितेंद्र पाटले, सर्व आदिवासी समाज व संगठन के भोलाराम मरकाम सहित राज्य के सभी जिला के पदाधिकारी व संघ के लोग शामिल हुए। यह जानकारी कृष्णकुमार नवरंग एवं प्रांताध्यक्ष गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने दी।

 

©जितेंद्र पाटले, सोशल जस्टिस लीगल फाउंडेशन.

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