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आडवाणी, जोशी, उमा की रिहाई के खिलाफ अपील पर सीबीआई को है ये आपत्ति | ऑनलाइन बुलेटिन

लखनऊ | [कोर्ट बुलेटिन] | उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सत्र न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल अपील के विरुद्ध सोमवार को सीबीआई की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। अयोध्या निवासी हाजी महबूब अहमद और सैयद अखलाख अहमद की ओर से दाखिल अपील पर न्यायालय ने अपीलार्थियों को 2 सप्ताह का समय देते हुए, मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तिथि तय की है।

 

यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रेनू अग्रवाल की खंडपीठ ने अयोध्या निवासी हाजी महबूब अहमद और सैयद अखलाख अहमद की ओर से दाखिल अपील पर दिया है।

 

मामले में शुरुआत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई थी, जिसे न्यायालय ने आपराथिक अपील में परिवर्तित करने का आदेश दिया था। सोमवार को इसी अपील पर सुनवाई हुई। सीबीआई का कहना है कि अपीलार्थी विवादित ढांचा गिराए जाने के इस मामले के पीड़ित नहीं है।

 

लिहाजा सीआरपीसी की धारा 372 के परंतुक के तहत वर्तमान अपील दाखिल नहीं कर सकते। अपीलार्थियों का कहना है कि वे इस मामले में विवादित ढांचा गिराए जाने की वजह से पीड़ित पक्ष में हैं। लिहाजा उन्हें सत्र अदालत के फैसले को चुनौती देने का अधिकार है।

 

विशेष अदालत, विवादित ढांचा विध्वंस में पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, सांसद साक्षी महाराज, लल्लू सिंह और बृजभूषण शरण सिंह समेत सभी को बरी कर दिया गया था।

 

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