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वकीलों के खिलाफ दर्ज एससी-एसटी और रेप केस की जांच करेगी सीबीआई vakeelon ke khilaaph darj esasee-esatee aur rep kes kee jaanch karegee seebeeaee

प्रयागराज | [कोर्ट बुलेटिन] | वकीलों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जांच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को दे दी है। प्रयागराज के वकीलों के खिलाफ विभिन्न थानों में तकरीबन 51 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एससी-एसटी और रेप जैसे गंभीर धाराओं के तहत भी केस दर्ज हैं।

 

इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम चौधरी वाली पीठ कर रही थी। कोर्ट ने जोर देते हुए कहा कि ये आवश्क है कि सीबीआई जांच की जाए। इसके अलावा जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट 2 महीने के भीतर सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में पेश किया जाए। हाईकोर्ट ने सीबीआई की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने तक वकीलों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।

 

वकीलों के मुताबिक पीड़ित पक्ष की ठीक से पैरवी न करने और धन उगाही के लिए दबाव बनाने के नाम पर केस दर्ज है। मामले की अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को होगी।

 

वकील भूपेंद्र पांडेय के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रयागराज के दारागंज थाने में दुराचार का मामला दर्ज है। भूपेंद्र पांडेय के मुताबिक हाईकोर्ट में फर्जी केस दर्ज कराते हैं और मिले पैसे को आपस में बांट लेते हैं।

 

©Allahabad High Court

 

CBI to investigate SC-ST and rape cases registered against lawyers

 

Prayagraj | [Court Bulletin] | The Allahabad High Court has given the investigation of the cases registered against the lawyers to the CBI. About 51 criminal cases are registered against the lawyers of Prayagraj in different police stations. Cases are also registered under serious sections like SC-ST and rape.

 

The matter was being heard by a bench of Justice Gautam Chaudhary of the High Court. The court stressed that it is necessary that a CBI inquiry be conducted. Apart from this, the preliminary report of the investigation should be presented in the court in a sealed cover within 2 months. The High Court directed not to take any action against the lawyers till the preliminary inquiry report of the CBI is received.

 

According to the lawyers, the case is registered in the name of not representing the aggrieved party properly and pressurizing them to extort money. The next hearing of the case will be on October 20.

 

A case of misconduct has been registered against advocate Bhupendra Pandey under the SC-ST Act at Daraganj police station in Prayagraj. According to Bhupendra Pandey, they file a fake case in the High Court and divide the money received among themselves.

 

 

मारो गोपाला Maro Gopala

 

 

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