फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक पर किसानों की ‘1 करोड़ प्रति एकड़’ की मांग, आंदोलन की धमकी

फिरोजपुर
फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक प्रोजेक्ट का किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया गया है। जिले के तीन गांवों के किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार जमीन का उचित मुआवजा नहीं देती, तब तक उनके गांव में रेल लाइन बिछाने नहीं दी जाएगी और केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट का धरने लगाकर विरोध किया जाएगा।गांव कुतुबद्दीन वाला, दुला सिंह वाला और कालेके हिटाड़ में 121 एकड़ सात कनाल छह मरले भूमि सरकार द्वारा प्रोजेक्ट के लिए एक्वायर करने की योजना है और इसमें 60 से 65 घर भी प्रभावित होते हैं।
सरकार की ओर से गांव
• एक करोड़ प्रति एकड़ मुआवजे की मांग कर रहे किसान
• फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक के लिए जमीन का किया जा रहा अधिग्रहण
प्रोजेक्ट के लिए होगा 165.69 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण
बता दें कि 13 वर्ष से लटकते आ रहे फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार की ओर से नवंबर 2025 में 764 करोड़ की राशि जारी करने की घोषणा की जा चुकी है।
प्रोजेक्ट के तहत मल्लांवाला से पट्टी तक 25.72 किलोमीटर का रेल ट्रैक बिछने के बाद फिरोजपुर से अमृतसर की दूरी भी कम होगी। सरकार द्वारा दो जिलों में 165.69 हेक्टेयर भूमि एक्वायर करनी है, जिसमें फिरोजपुर की 70.01 हेक्टेयर और तरनतारन के आठ गांवो की 95.68 हेक्टेयर भूमि शामिल है।
कालेके हिटाड़ गांव के किसान मनदीप सिंह ने कहा कि उसके पास छह एकड़ भूमि है। अगर सरकार उनकी भूमि ले लेगी तो घर में काफी दिक्कत आ जाएगी। सरकार जमीन की कीमत कम लगा रही है, जो कि सही नहीं है।
33 से 35 लाख प्रति एकड़ मुआवजा देंगे: एसडीएम
जीरा के एसडीएम अरविन्द्रपाल सिंह ने कहा कि किसानों को 33 से 35 लाख प्रति एकड़ के मुताबिक मुआवजा देने का निर्णय हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है।
रुपये का मुआवजा किसानों को देने के लिए बजट बनाया गया था। भारतीय किसान यूनियन तोतेवाला के प्रांतीय अध्यक्ष सुख गिल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भूमि एक्वायर करने के नाम पर किसानों के साथ सीधे तौर पर धक्का किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति एकड़ एक करोड़ से सवा करोड़ का मुआवजा दिया जाना चाहिए। अगर उचित मुआवजा न मिला तो रेल ट्रैक बनने नहीं दिया जाएगा। रेलवे स्टेशनों पर धरने दिए जाएंगे।
किसान मलूक सिंह, बचित्र सिंह, परमजीत व पाला सिंह ने कहा कि जिन किसानों की भूमि एक्वायर की जानी है, उनका बैंकों का कर्ज माफ करने के अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।
दुल्ला सिंह वाला में धुस्सी बांध के इन साइड में 3.80 लाख प्रति एकड़ कलेक्टर रेट 4.98 लाख प्रति एकड़ और धुस्सी बांध के 3.87 लाख प्रति एकड़ रेट निर्धारित किया गया है। तीन वर्ष पहले प्रशासन द्वारा 30 करोड़ 99 लाख।











