Amit Jogi Life Imprisonment: हाईकोर्ट का बड़ा निर्णय: अमित जोगी को जग्गी मर्डर केस में आजीवन कारावास

Amit Jogi Life Imprisonment

Amit Jogi Life Imprisonment

#IndiaNews #Trending

बिलासपुर.

साल 2003 के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील (ACQA No. 66/2026) को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया। #AmitJogi #JaggiMurderCase

अनुमति याचिका, जल्द हो सकती है सुनवाई
हाईकोर्ट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 120-बी (अपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। हाईकोर्ट का यह फैसला 31 मई 2007 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को पूरी तरह पलट दिया है।

Amit Jogi Life Imprisonment: ? “23 साल बाद पलटा फैसला! 2007 में बरी, 2026 में उम्रकैद—अमित जोगी पर आखिर कैसे कसा कानून का शिकंजा?”

उस समय स्पेशल जज (एट्रोसिटी) रायपुर ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि चिमन सिंह, याह्या ढेबर, अभय गोयल और फिरोज सिद्दीकी सहित अन्य 28 आरोपियों को सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि “एक ही गवाही के आधार पर कुछ आरोपियों को दोषी ठहराना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी कर दिया जाना कानूनी रूप से असंगत और गलत है।” बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामला रीओपन किया गया था, जिसके बाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई थी। #Chhattisgarh #BreakingNews

Amit Jogi Life Imprisonment: हाईकोर्ट का बड़ा निर्णय: अमित जोगी को जग्गी मर्डर केस में आजीवन कारावास

2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या
4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया।

जानिए कौन थे रामावतार जग्गी
कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। #CourtVerdict #CBI

Amit Jogi Life Imprisonment: ? “जग्गी हत्याकांड में बड़ा उलटफेर! अमित जोगी को उम्रकैद—7 दिन में सरेंडर का आदेश, अब क्या होगा आगे?”

ये पाए गए थे दोषी
जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे। #SupremeCourt #PoliticalNews

 

 

 

 


Back to top button