ममता आंबेडकर
©ममता अंबेडकर, गाजियाबाद
कलम है शास्त्र, वस्त्र संविधान है।
देश का तिरंगा महामानव की पहचान है।
संघर्ष ही जीवन कहलाता भीमराव है।
भीमाबाई का लाल वह देश का अभिमान है।
चवदार पानी जिसने हमें पिलाया।
बेटियों को तोड़कर स्वाभिमान दिलाया।
बेजुवा की जुबान, शोषितों की आवाज है।
बाबासाहेब आंबेडकर नारियों की शान है।
छुआ छूत, उंच नीच की बेड़ियां जो तोड़ी
मनु के विधान मनुस्मृति की हड्डियां भी तोड़ी
बाबासाहेब का जीवन ही संघर्ष हैं
बोलो जय भीम तो बहुंजनों को गर्व है
कलम है शास्त्र, वस्त्र संविधान है।
देश का तिरंगा महामानव की पहचान है।
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