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सफीने को बात करते हैं sapheene ko baat karate hain

©मजीदबेग मुगल “शहज़ाद”

परिचय– वर्धा, महाराष्ट्र


 

गज़ल

 

फटा दामन सीने की बात करते हैं।

जरा सा गम पीने की बात करते हैं।।

 

थोड़ी तकलीफ पर जान देने निकले।

ऐसे लोग जीने की बात करते हैं।।

 

औरों का हक छीनने वाला वो जालिम।

बता किस कमीने की बात करते हैं।।

 

जरा से झकोलो से जो डूब जाये।

आप उसी सफीने को बात करते हैं।।

 

हज़ारों लोगों की मौत का सबब बना।

ऐसों के करीने की बात करते हैं।।

 

जो कभी किसी के काम न आ सके धन।

जमीन के दफ़ीने की बात करते हो।।

 

मरने से पहले एक तमन्ना हो पूरी।

उस सफ़रे मदीने की बात करते हैं।।

 

‘शहज़ाद ‘ अलाल कब काम करते देखा।

फिर किस के पसीने की बात करते हैं।।

 

 

 

मजीदबेग मुगल

Majidbeg Mughal

 

 

talk to safin

 

 

Ghazal

 

Talk about a torn chest.
Let’s talk about drinking a little gum.

 

Went out to die for some trouble.
Such people talk about living.

 

He is a criminal who snatches the rights of others.
Tell me what bastard are you talking about.

 

The one who drowns with the slightest flicker.
You talk to the same Safin.

 

Caused the death of thousands of people.
Let’s talk about such neatness.

 

Money which can never be of any use to anyone.
You talk about the burial of the land.

 

One wish must be fulfilled before dying.
Let’s talk about that journey in Medina.

 

When did you see ‘Shahzad’ Alal working?
Whose sweat then?

 

 

तुलसीदास tulaseedaas

 

 

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