Camel Surgery and Treatment Rajasthan-? ऊँटों के लिए ‘संजीवनी’ बना लूनकरणसर पशु मेला! अगर आपका ऊँट भी है बीमार, तो डॉ. सुभाष घारू की ये सलाह बचा सकती है उसकी जान

Lunkaransar Pashu Mela 2026 camel surgery and veterinary expert advice in Hindi

Camel Surgery and Treatment Rajasthan-?

Lunkaransar Pashu Mela 2026 camel surgery and veterinary expert advice in Hindi: ? Camel Surgery and Treatment Rajasthan

 

  • ऊँटों के लिए ‘संजीवनी’ बना लूनकरणसर पशु मेला! अगर आपका ऊँट भी है बीमार, तो डॉ. सुभाष घारू की ये गुप्त सलाह बचा सकती है उसकी जान—पशुपालक जरूर पढ़ें!


? लूनकरणसर (बीकानेर) | 17 फरवरी, 2026

Camel Surgery and Treatment Rajasthan-?  राजस्थान की तपती रेतों का जहाज कहा जाने वाला ‘ऊँट’ सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि रेगिस्तान के हजारों परिवारों की आर्थिक रीढ़ है। लेकिन क्या होगा अगर आपका यह वफादार साथी किसी गंभीर बीमारी या चोट का शिकार हो जाए? अक्सर जानकारी के अभाव में पशुपालक अपने ऊँटों को दम तोड़ते हुए देखते हैं। लेकिन इस बार लूनकरणसर में आयोजित राज्य स्तरीय पशु मेला–2026 एक नई उम्मीद लेकर आया है।

Camel Surgery and Treatment Rajasthan-? मेले के भव्य 6-दिवसीय आयोजन में एक ऐसा सत्र हुआ जिसने पशुपालकों की आँखें खोल दीं। यह सत्र था—“ऊँटों की शल्य चिकित्सा और आधुनिक उपचार”। डॉ. सुभाष घारू के नेतृत्व में हुए इस संवाद ने साबित कर दिया कि सही समय पर सर्जरी (ऑपरेशन) ऊँटों को मौत के मुँह से बाहर ला सकती है।

समय पर सर्जरी: आखिर क्यों मर रहे हैं हमारे ऊँट?

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुभाष घारू (वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी, प्रथम श्रेणी पशुचिकित्सालय, दुलचासर) ने एक कड़वा सच उजागर किया। उन्होंने बताया कि ऊँटों की असमय मृत्यु का सबसे बड़ा कारण ‘बीमारी’ नहीं, बल्कि ‘देर से किया गया उपचार’ है। पशुपालक अक्सर घरेलू नुस्खों या झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में समय बर्बाद कर देते हैं, जिससे साधारण लगने वाली चोट भी जानलेवा बन जाती है।

डॉ. घारू ने जोर देकर कहा, “आधुनिक शल्य चिकित्सा (Surgery) अब इतनी उन्नत हो चुकी है कि जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान संभव है। बस जरूरत है समय पर डॉक्टर तक पहुँचने की।”

इन 5 खतरनाक बीमारियों का अब है पक्का इलाज

व्याख्यान के दौरान डॉ. घारू ने उन जटिल समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की, जिन्हें पहले लाइलाज माना जाता था:

  1. लेसरेटेड नोस्ट्रिल (नाक के गंभीर घाव): ऊँट की नाक में लगने वाली चोट अगर सही से न सिली जाए, तो वह संक्रमण का रूप ले लेती है। सर्जरी के जरिए इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

  2. कोमल तालू (डूल्ला) फटना: नर ऊँटों में ‘डूल्ला’ का फटना एक गंभीर समस्या है। डॉ. घारू ने बताया कि इसकी सर्जरी अब बहुत सुरक्षित है और इससे ऊँट की कार्यक्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता।

  3. मेंडिबल फ्रैक्चर (जबड़े की हड्डी टूटना): लड़ाई या दुर्घटना में जबड़ा टूटने पर ऊँट खाना-पीना छोड़ देता है। आधुनिक वायर तकनीक से जबड़े को जोड़कर ऊँट को नया जीवन दिया जा रहा है।

  4. पथरी और हर्निया: इंसानों की तरह ऊँटों में भी पथरी और हर्निया की समस्या होती है। समय रहते ऑपरेशन न हो तो यह घातक हो सकता है।

  5. टेल गैंग्रीन और सेडल गाल: पूंछ में सड़न (गैंग्रीन) या पीठ के घाव (सेडल गाल) का इलाज भी शल्य चिकित्सा से प्रभावी ढंग से संभव है।

पशुपालकों के बीच उत्साह और नई जागृति

डॉ. घारू का संवाद केवल एक भाषण नहीं था, बल्कि एक ‘लाइव क्लास’ की तरह था। पशुपालकों ने ऊँटों की बीमारियों से जुड़े कई पेचीदा सवाल पूछे। दुलचासर के डॉ. घारू ने बड़े ही सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के साथ उनका समाधान किया।

एक बुजुर्ग पशुपालक ने भावुक होकर कहा, “साहब, पहले हमें लगता था कि ऊँट का जबड़ा टूट गया तो वह नहीं बचेगा, लेकिन आज पता चला कि विज्ञान इसे भी ठीक कर सकता है। अब हम अपने ऊँटों को मरने नहीं देंगे।” इस संवाद का परिणाम यह हुआ कि वहां मौजूद हजारों किसानों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में वैज्ञानिक उपचार को ही प्राथमिकता देंगे।

Camel Surgery and Treatment Rajasthan-? ऊँटों के लिए ‘संजीवनी’ बना लूनकरणसर पशु मेला! अगर आपका ऊँट भी है बीमार, तो डॉ. सुभाष घारू की ये सलाह बचा सकती है उसकी जान

लूनकरणसर पशु मेला 2026: केवल व्यापार नहीं, ज्ञान का कुंभ

Camel Surgery and Treatment Rajasthan-? इस 6 दिवसीय मेले में केवल पशुओं का क्रय-विक्रय ही नहीं हो रहा है, बल्कि यह संस्कृति और ज्ञान का केंद्र बन गया है। मेले के आकर्षण के मुख्य बिंदु रहे:

  • पशु दौड़ प्रतियोगिता: ऊँटों और घोड़ों की रफ्तार देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

  • विशेषज्ञ संवाद:डॉ. राजेश स्वामी (उपनिदेशक) ने पशु प्रबंधन पर और डॉ. दीनू खां (वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी) ने बदलते मौसम में पशुओं के बचाव के गुर सिखाए।

  • जनभागीदारी: विद्यार्थियों और ग्रामीणों के लिए योग शिविर और मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

आर्थिक सुरक्षा का मार्ग: उष्ट्र संरक्षण

ऊँट राजस्थान की शान है। यदि एक ऊँट की जान बचती है, तो एक ग्रामीण परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है। राज्य स्तरीय पशु मेला 2026 इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। डॉ. सुभाष घारू जैसे विशेषज्ञों का यह प्रयास न केवल पशुधन को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि राजस्थान की ‘उष्ट्र संरक्षण’ नीति को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।

onlinebulletin.in
onlinebulletin.in

JOIN ON WHATSAPP

निष्कर्ष: जानकारी ही असली बचाव है Camel Surgery and Treatment Rajasthan-?

अगर आप भी एक पशुपालक हैं, तो याद रखें—बीमारी से डरें नहीं, जानकारी से लड़ें। लूनकरणसर मेले का यह संदेश हर गाँव, हर ढाणी तक पहुँचना चाहिए। समय पर सर्जरी और सही विशेषज्ञ की सलाह ही आपके पशुधन की ‘सुरक्षा कवच’ है।

साझा करें: इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने साथी पशुपालकों और किसान भाइयों के साथ व्हाट्सएप और फेसबुक पर जरूर शेयर करें। आपकी एक शेयरिंग किसी बेजुबान की जान बचा सकती है!


प्रस्तुति:
डॉ. सुभाष घारू
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी,
प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय, दुलचासर।
(पशुपालन और उष्ट्र संरक्षण के प्रति समर्पित)


Disclaimer: यह लेख लूनकरणसर पशु मेले में हुए विशेषज्ञ संवाद के आधार पर पशुपालकों के मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सालय से संपर्क करें।


Back to top button