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विधायक गुप्ता ने कहा- मैं गरीबों का नेता हूं, पुरानी सूची रद्द करने का फैसला नहीं बदला तो हंगामा मचा दूंगा… पढ़ें “जूही की महक” कहानी का 17 वां भाग | ऑनलाइन बुलेटिन

©श्याम कुंवर भारती

परिचय- बोकारो, झारखंड


 

 

सुधीर जूही के गांव पहुंचते ही उसके पिता और दोनों बहनों से मिला उनका हाल चाल लिया और उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा चिंता मत करें अब मैं आ गया हूं। मैं सब संभाल लूंगा। जूही मैडम की मां को कुछ नहीं होगा। उसने उनको बताया जूही मैडम अभी थोड़ा काम में काफ़ी बिजी हैं इसलिए मुझे भेजा है।मैं अभी अस्पताल जाकर उनको देखता हूं।मगर उसने जूही पर हुए जानलेवा हमले के बारे में कुछ नहीं बताया।

 

अस्पताल पहुंचकर उसने जूही की बहन नेहा से उसकी मां की तबियत के बारे में पूछा। उनको देखा और उनको प्रणाम कर कहा आंटी आप चिंता न करें आप जल्दी ठीक हो जाएंगी। फिर सुधीर ने डॉक्टर के पास जाकर जूही की मां के बारे में पूछा डॉक्टर साहब वो कब तक ठीक हो जाएंगी। उनको क्या तकलीफ है।

 

डॉक्टर ने कहा- देखिए हम अपने स्तर से जितना बन रहा है उतना इलाज कर रहे हैं मगर इनको किसी बेहतर अस्पताल में ले जाकर इलाज करवाने से बेहतर होता। हमारे अस्पताल में उतनी व्यवस्था नहीं है।

 

सुधीर ने कहा ठीक है डॉक्टर साहब, मैं इनको दूसरे अस्पताल में ले जाने की व्यवस्था करता हूं तब तक आप इलाज करते रहें इनको कुछ नहीं होना चाहिए।

 

फिर सुधीर डीडीसी साहब को फोन लगाकर जूही की मां की बीमारी के बारे में बताया और कहा सर आप तो जानते हैं जूही मैडम अभी किस हालत में हैं इसलिए उनको उनकी मां के बारे में नहीं बताया ताकि वो परेशान होकर अपने मकसद से भटक न जाए।इसलिए आपसे अनुरोध है जूही मैडम को बताए बिना सिविल सर्जन साहब को बोलकर जिला अस्पताल में इलाज हेतु बोल दें। मैं कल तक किसी तरह मैडम की मां को लेकर आता हूं। इससे उनकी मां का इलाज भी बेहतर हो पाएगा और मैं दोनों परिवार की देखभाल भी ठीक से कर पाऊंगा।

 

सुधीर की बात सुनकर डीडीसी बहुत चिंतित हुए और सुधीर की तारीफ करते हुए कहा तुमने बहुत अच्छा काम किया है।तुम चिंता मत करो मैं अभी सिविल सर्जन को फोन कर बोलता हूं और सारा इंतजाम करवाता हूं। तुम कल जूही की मां को लेकर आ जाओ। डीडीसी ने तुरंत सिविल सर्जन को फोन कर कहा कल वीडियो जूही की मां भर्ती होने आ रहीं हैं। आप आज ही उनके इलाज का सारा इंतजाम करवा दें। ध्यान रहे उनके इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।

 

सुधीर ने अस्पताल से बात कर एक एंबुलेंस बुक किया और नेहा को साथ में लिया, जूही की मां को लेकर तुरंत निकल पड़ा।

 

सुबह 10 बजे विधायक ने चक्काजाम का ऐलान किया था मगर उसके आदमी सुबह 8 बजे ही सड़कों पर उतर आए और वाहनों की तोड़ फोड़ शुरू कर दिया।कई वाहनों में आग लगा दिया।लोगों को मारना पीटना शुरू कर दिया। हर तरफ कोहराम मचा दिया।

 

विधायक गुप्ता खुद अपने दल बल के साथ बाजार के मुख्य चौराहे पर अपना झंडा गाड़ दिया। उसने माइक से भाषण देना शुरु किया “वीडियो जूही की तानाशाही नहीं चलेगी नहीं चलेगी।वीडियो गरीबों की घोर विरोधी है।ये तानाशाह वीडियो गरीबों का हक मारना चाहती है इसलिए गरीबों को सूची से हटाकर फिर से नई सूची बनवा रही है। मैं यहां का विधायक हूं। मेरे रहते किसी की तानाशाही नहीं चलेगी।पुरानी सूची को किसी कीमत पर रद्द होने नहीं दूंगा।मैं गरीबों का नेता हूं। गरीबों के लिए हमेशा लड़ता रहूंगा।अगर वीडियो ने पुरानी सूची को रद्द करने का फैसला नहीं बदला तो पूरे क्षेत्र में हंगामा मचा दूंगा।इस वीडियो का तुरंत यहां से ट्रांसफर होना चाहिए।ऐसी तानाशाह वीडियो को एक दिन भी इस प्रखंड में रहने का हक नहीं है।

 

जैसे ही जूही को खबर मिली विधायक और उसके लोगों द्वारा चक्काजाम के नाम पर उत्पात मचा रहे हैं उसने तुरंत डीएसपी कुमार को फोन कर बताया, विधायक ने अपने तय समय से पहले उत्पात मचाना शुरू कर दिया है।आप तुरंत अपने पुलिस बल को लेकर मेरे ऑफिस पहुंचे मैं भी तैयार होकर ऑफिस पहुंच रहीं हूं। वहां से घटनास्थल पर चलेंगे।तब तक अपने जवानों को मुख्य चौराहे पर भी भेंजे ताकि और ज्यादा उत्पात होने से रोक सकें।

 

जूही तैयार होकर बिना कुछ खाए पिए जाने लगी तो सुधीर की मां ने उसे रोकते हुए जबरदस्ती अपने हाथों से दो रोटी खिला दिया और चिन्ता जताते हुए कहा अपना ख्याल रखना बेटी। जूही ने उनका पैर छूकर आशीर्वाद लेते हुए कहा आंटी मुझे आशीर्वाद दो कि मैं पूरी ईमानदारी से अपना फर्ज निभा सकूं। सुधीर की मां ने कहा जाओ बेटी विजयी होकर लौटो। मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी।

 

जूही ने अपने ड्राइवर से कहा तुम मेरी गाड़ी लेकर यहीं रहो मैं पुलिस की गाड़ी लेकर जा रही हूं।

 

उसने पुलिस के जवानों को कहा आप सभी पूरी सावधानी से मेरे आवास की निगरानी करना ध्यान रहे आंटी को कोई खरोच न आने पाए।

 

पुलिस की गाड़ी में बैठते ही उसके दोनों सुरक्षा गार्ड भी पिछली सीट पर बैठ गए।

 

ऑफिस में डीएसपी कुमार उसका पूरे पुलिस दल बल के साथ उसका इंतजार कर रहा था। जूही ने कहा कुमार साहब विधायक का चक्काजाम नाम का है। दरअसल वो अपना आतंक मचाना चाहता है।आप एक पुलिस दल को बाजार के बाहर से घराबंदी करवाएं ताकी आंदोलन उग्र होने पर उपद्रवियों को आगे और पीछे दोनों तरफ से घेरा जा सके।

 

कुमार ने कहा ठीक है मैडम मैं अभी बंदोबस्त करता हूं। फिर उसने अपने एक ऑफिसर को आदेश दिया वो तुरंत वहा से कुछ जवानों को लेकर गाडियों में बैठकर निकल गया।

 

फिर उसने एक ऑफिसर को कुछ दिशा निर्देश दिया, वो भी तुरंत अपने दल बल के साथ वहा से कूच कर गया।

 

थोड़ी देर बाद जूही और कुमार। भी आपस में कुछ सलाह मशविरा कर निकल गए।

 

शेष अगले भाग – 18 में।

लेखक – श्याम कुंवर भारती।

 

 

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