कलम बहना | ऑनलाइन बुलेटिन

©भारती नंदनी

परिचय– मस्तूरी, बिलासपुर, छत्तीसगढ़


 

 

 

वो मेरी प्यारी कलम बहना

मेरी साथ हमेशा रहना

तुम ही मेरा गहना

तुम ही मेरा सोलो  सृंगार

तुम हो मेरे सुख दुख की साथी

तुमसे ही लिखी है

मेरे खुशी गम की कहानी

तुम हो मेरी सच्ची सखी

तुमसे न छुपी

मेरे मन की कोई बात

तुमसे जुडी मेरे है

 मेरे दिल की जज्बात

हो हर कलमकारो की आगाज

रचते हैं तुमसे

रोज नये नये इतिहास

तुम हो अहिंसा वादियो का हथियार

जिससे किया मनुवादीयो पर प्रहार

बिन हिंसा किया परिवर्तन

तुमसे ही लिखे

मेरे बाबा साहब ने

भारत का नया इतिहास

लिखे भारतीय संविधान

वो मेरी प्यारी कलम बहना

तुम साथ हमेशा मेरे रहना


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