सियापति तुम । हे अवध नरेश तुम जगत विशेष ॥ हे राम तुम्हारी सर्वदा ही जय हो । वैदेही संग सदा तुम दिखने वाले ॥ हनुमत लाल के हृदय में विराजो । दुखभंजन हारी
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अभिनंदन बारंबार तुम्हें | ऑनलाइन बुलेटिन
©राजेश श्रीवास्तव राज परिचय– गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश. कौशिल्या सुत हे, दशरथ नंदन। नमन, अभिनंदन बारंबार तुम्हें ॥ …
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