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अच्छी खबर: कोर सेक्टर का प्रॉडक्शन 3.8% बढ़ा, जनवरी में 1.38 लाख करोड़ का GST कलेक्शन l ऑनलाइन बुलेटिन

नई दिल्ली l (बिजनेस बुलेटिन) l इकनॉमी के मोर्चे पर अच्छी खबर है। पिछले साल दिसंबर 2021 में 8 कोर सेक्टर इंडस्ट्रीज का प्रॉडक्शन 3.8 फीसदी बढ़ा है। वहीं, दिसंबर 2020 में 8 कोर सेक्टर का प्रॉडक्शन 0.4 फीसदी घटा था। यह बात सोमवार को जारी गवर्नमेंट डेटा में कही गई है। दिसंबर 2021 में क्रूड ऑयल और स्टील को छोड़कर सभी सेक्टर्स में पॉजिटिव ग्रोथ रिकॉर्ड की गई है। नवंबर 2021 में इन कोर सेक्टर इंडस्ट्रीज का प्रॉडक्शन 3.4 फीसदी बढ़ा था।

 

लगातार चौथे महीने gst कलेक्शन 1.3 लाख करोड़ रुपये के पार

 

जनवरी में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (gst) कलेक्शन 1.38 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। एक साल पहले के मुकाबले gst कलेक्शन में 15 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि 30 जनवरी 2022 तक 1.05 करोड़ gst-3b रिटर्न फाइल किए गए हैं, जिनमें 36 लाख क्वॉर्टली रिटर्न शामिल हैं। जनवरी, लगातार चौथा महीना है जब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स कलेक्शन 1.30 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है।

 

8 इंफ्रा सेक्टर्स की ग्रोथ रेट 12.6 फीसदी रही

 

अप्रैल-दिसंबर 2021 के दौरान कोल, क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रॉडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी इन 8 इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स की ग्रोथ रेट 12.6 फीसदी रही है। वहीं, पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इन इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में 9.8 फीसदी की निगेटिव ग्रोथ दर्ज की गई थी। सोमवार को रिलीज किए गए इकनॉमिक सर्वे 2021 में कहा गया है कि एडवांस्ड और इमर्जिंग दोनों ही इकनॉमीज के लिए इनफ्लेशन (महंगाई) एक वैश्विक मुद्दे के रूप में फिर से उभरकर सामने आया है। सर्वे में कहा गया है कि भारत को हाई ऑयल प्राइसेज के कारण इंपोर्टेड इनफ्लेशन से चौकन्ना रहना चाहिए।

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वित्त वर्ष 2020-21 में 6.6 फीसदी घटी इकनॉमी

 

नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (nso) ने gdp को लेकर अपने पहले रिवाइज्ड एस्टिमेट्स में कहा है कि 2020-21 में इंडियन इकनॉमी 6.6 फीसदी घटी है। इकनॉमी में यह गिरावट कोविड-19 महामारी और सरकार की तरफ से लगाए गए लॉकडाउन के कारण आई है। सरकार की तरफ से मई 2021 में रिलीज किए गए प्रोविजनल डेटा में कहा गया था कि 2020-21 में जीडीपी 7.3 फीसदी घटी है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्रोम इंप्लीमेंटेशन की रिलीज के मुताबिक, कॉन्सटैंट प्राइसेज पर साल 2020-21 और 2019-20 के लिए रियल जीडीपी क्रमशः 135.58 लाख करोड़ रुपये और 145.16 लाख करोड़ रुपये रही है।

 

 

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