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हिजाब से आजादी के लिए सड़कों पर ईरान की महिलाएं, खुले बालों में बना रहीं वीडियो hijaab se aajaadee ke lie sadakon par eeraan kee mahilaen, khule baalon mein bana raheen veediyo

नई दिल्ली | [नेशनल बुलेटिन] | इस्लामिक देश ईरान में हिजाब का जबरदस्त विरोध हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी महिलाएं हिजाब के विरोध में सड़कों पर हैं। यही नहीं, वे पब्लिक में अपना नकाब हटाकर उसका वीडियो भी बना रही हैं।

 

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक ये महिलाएं हिजाब हटाने के वीडियो पोस्ट कर इस्लामिक रिपब्लिक के सख्त हिजाब नियमों का विरोध कर रही हैं।

 

हिजाब एवं शुद्धता दिवस’ का जमकर विरोध

 

ईरानी कानून के मुताबिक महिलाओं को सार्वजनिक तौर अपने बाल ढंकना अनिवार्य है। वैसे तो हिजाब को लेकर यहां अक्सर प्रदर्शन होते रहते हैं लेकिन मंगलवार को बड़ी संख्या में ईरानी महिलाओं ने देश भर में हिजाब विरोधी अभियान में भाग लिया। ईरान के अधिकारियों ने 12 जुलाई (मंगलवार) को ‘हिजाब एवं शुद्धता दिवस’ के रूप में घोषित किया था। इसी के विरोध में महिलाएं सड़कों पर उतरीं।

 

हिजाब को गलियों में फेंक रही हैं ईरानी महिलाएं

 

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में महिलाओं के अलावा पुरुष भी ईरान के कानून के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त कर रहे हैं। कुछ वीडियो में महिलाओं को स्कार्फ और शॉल को सड़कों पर फेंकते हुए देखा जा सकता है। महिलाएं बिना हिजाब के पब्लिक ट्रांसपोर्ट और दुकानों में दिखाई दे रही हैं। वे खुले बालों में पब्लिक में घूम रही हैं।

 

 

 

हिजाब के लिए सेना को मैदान में उतारा

 

ईरान की सरकार ने हिजाब को अनिवार्य बनाने के लिए देश के सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश दिए हैं। सेना महिलाओं के लिए हिजाब अनिवार्य बनाने के सख्त प्रयास कर रही है। हालांकि इस सबके बावजूद महिलाओं के विरोध प्रदर्शन का स्तर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिजाब का विरोध किया तो सरकार ने उसे काउंटर करने के लिए एक नया पैंतरा आजमाया।

 

इस दौरान ईरान के सरकारी टेलीविजन ने ‘हिजाब और शुद्धता’ समारोह का एक वीडियो प्रसारित किया। इसमें 13 महिलाओं को हरे रंग के हिजाब और लंबे सफेद वस्त्र पहने हुए दिखाया गया था। वे महिलाएं कुरान की आयतें पढ़कर नृत्य कर रही थीं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो का जमकर मजाक उड़ाया गया।

 

 

 

1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अनिवार्य हुआ था हिजाब

 

न्यूयॉर्क स्थित इंटरनेशनल कैंपेन फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान (ICHRI) ने 11 जुलाई को कहा था कि “12 जुलाई को देश में संभावित हिंसा हो सकती है और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है।” जिसके बाद एक समाचार एजेंसी ने बताया कि 11 जुलाई को ही कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

 

1979 की इस्लामी क्रांति के बाद 9 वर्ष से अधिक उम्र की ईरानी महिलाओं और लड़कियों के लिए सार्वजनिक रूप से हिजाब अनिवार्य है। कई ईरानी महिलाओं ने वर्षों से शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है और सरकारी आदेश के खिलाफ अपने मन के कपड़े पहनने पर जोर दिया है।

 

ईरान में हिजाब पहनने से इनकार करने पर महिलाओं को जेल या फिर भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। 2019 में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान, तेहरान में रेव्यूलेशनरी कोर्ट के अध्यक्ष, मौसा गजनफराबादी ने चेतावनी दी थी कि कोई भी महिला जो अपना हिजाब हटाने का वीडियो शेयर करती है, उसे 10 साल तक की जेल का सामना करना पड़ेगा।

 

 

 

Iranian women on the streets for freedom from hijab, making videos in open hair

 

New Delhi | [National Bulletin] | Hijab is being strongly opposed in the Islamic country of Iran. According to media reports, Iranian women are on the streets in protest against the hijab. Not only this, she is also making a video of her removing her mask in public.

 

According to Iran’s official news agency, these women are protesting the Islamic Republic’s strict hijab rules by posting videos of removing the hijab.

 

 Strongly opposed to ‘Hijab and Purity Day’

 

According to Iranian law, women are required to cover their hair in public. Although there are frequent demonstrations regarding the hijab, but on Tuesday, a large number of Iranian women took part in the anti-hijab campaign across the country. Iranian authorities declared July 12 (Tuesday) as ‘Hijab and Chastity Day’. In protest, women took to the streets.

 

 Iranian women throwing hijab in the streets

 

Apart from women, men are also expressing their protest against Iran’s law in videos shared on social media. In some videos, women can be seen throwing scarves and shawls on the streets. Women are seen in public transport and shops without hijab. She is roaming in public with open hair.

 

 

Army fielded for hijab

 

Iran’s government has given strict instructions to the country’s security forces to make the hijab mandatory. The army is making strenuous efforts to make the hijab mandatory for women. However, despite all this, the level of women’s protests is increasing. On Tuesday, when a large number of women opposed the hijab, the government tried a new trick to counter it.

 

Meanwhile, Iranian state television broadcast a video of the ‘Hijab and Chastity’ ceremony. It featured 13 women wearing green hijabs and long white robes. Those women were dancing by reciting verses from the Quran. The video was heavily ridiculed on social media.

 

 

Hijab became compulsory after the Islamic Revolution of 1979

 

The New York-based International Campaign for Human Rights in Iran (ICHRI) said on 11 July that “there could be potential violence in the country on 12 July and a large number of people could be detained.” After which a news agency told that many people were arrested on July 11 itself.

 

The hijab in public has been compulsory for Iranian women and girls over the age of 9 after the Islamic Revolution of 1979. Many Iranian women have raised their voices against the regime over the years and have insisted on wearing the clothes of their mind against government orders.

 

In Iran, women can face jail or heavy fines for refusing to wear the hijab. During the 2019 protests, the president of the Revolutionary Court in Tehran, Moussa Ghazanfarabadi, warned that any woman who shared a video of her removing her hijab would face up to 10 years in prison.

 

 

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