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…जैसे बिना बल्ले के सचिन तेंदुलकर, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने वकील को लेकर क्यों की यह टिप्पणी; पढ़ें | ऑनलाइन बुलेटिन

नई दिल्ली | [कोर्ट बुलेटिन] | सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार मुकदमे की फाइल के बिना पेश हुए एक वकील की फटकार लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुकदमे के सारपत्र के बिना वकील वैसे ही होता है, जैसे बिना बल्ले के सचिन तेंदुलकर। भारत के CJI (चीफ जस्टिस) डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने इस बात का संज्ञान लिया कि एक वकील मुकदमे की फाइल के बिना पेश हो रहा है और इस चूक के लिए पीठ ने उसे तुरंत फटकार लगाई।

 

सीजेआई ने कहा, ‘ब्रीफ (बिना सारपत्र) वाला वकील वैसे ही होता है, जैसे बिना बल्ले के सचिन तेंदुलकर। ये खराब लगता है। आप अपने गाउन और कॉलर (बैंड) में हैं, लेकिन आपके पास कोई कागजात नहीं है। आपके पास हमेशा ब्रीफ (सारपत्र) होना चाहिए।’

 

इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट कई मौकों पर वकीलों को नसीहत दे चुका है। खासतौर से कोरोना वायरस महामारी के दौरान जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई होती थी तो कई हैरान करने वाले मामले सामने आए थे।

 

वर्चुअली सुनवाई में लगाई थी फटकार

 

कोरोना महामारी के दौरान गुजरात हाई कोर्ट ने एक पुलिस की अधिकारी की जमकर फटकार लगाई थी। दरअसल, सुनवाई में वर्चुअली शामिल हुए पुलिस अधिकारी ने कोका कोला पीने लगे। जिसे देख हाई कोर्ट भड़क गया था और तुंरत ही पुलिस अधिकारी को नसीहत दे दिया।

 

हाई कोर्ट ने पुलिस अधिकारी से सवाल किया था कि अगर यही सुनवाई वर्चुअली न होकर फिजिकली होती तो क्या आप कोर्ट के अंदर कोक की बॉटल लेकर आते? क्या कोई पुलिस अधिकारी इस तरह का बर्ताव करता है?

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हिंदी में जिरह करने लगा पक्षकार

 

शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट में एक और मजेदार वाकया देखने को मिला। जहां एक केस की सुनवाई के दौरान पक्षकार जिरह के दौरान हिंदी में बात करने लगा। जिसकी बात कोर्ट ने बताया कि यह इस अदालत की भाषा नहीं है और हम नहीं समझ पा रहे हैं कि आप क्या कह रहे हैं। इस अदालत की भाषा अंग्रेजी है।

 

शख्स ने हिंदी में बात कर जिरह करते समय कोर्ट के सामने कुछ दस्तावेज भी रखे थे। बाद में कोर्ट ने शख्स के पास एक वकील को भेजा और फिर उसने हिंदी का अंग्रेजी में अनुवाद कर बातों को कोर्ट के सामने रखा। फिलहाल कोर्ट ने मामले की सुनवाई 4 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है।

 

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