Digvijay Singh Speech- ✊ “अंबेडकर प्रतिमा पर मचा घमासान: दिग्विजय सिंह की एंट्री से गरमाई सियासत, खुद को बताया सनातनी – जानिए क्यों बोले मुझे गालियां पड़ेंगी!”

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✊ ग्वालियर HC में अंबेडकर प्रतिमा विवाद पर गरमाई राजनीति

Digvijay Singh Speech- ✊  मध्य प्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाए जाने को लेकर उठा विवाद अब सियासी मोड़ पर आ गया है। प्रतिमा लगाने के समर्थन और विरोध में दो धड़े आमने-सामने आ चुके हैं। ऐसे में इस विवाद की तपिश और तेज तब हो गई, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इसमें खुलकर एंट्री मार दी। उन्होंने न सिर्फ प्रतिमा लगाने का समर्थन किया बल्कि खुद को “सनातनी” बताकर विरोधियों को जमकर घेरा।


? दिग्विजय सिंह: “बाबा साहब का अपमान नहीं सहेंगे”

Digvijay Singh Speech- ✊  ग्वालियर में आयोजित सामाजिक न्याय सम्मेलन के दौरान दिग्विजय सिंह ने दो टूक कहा,

“बाबा साहब की मूर्ति का विरोध करने वाले आरएसएस प्रायोजित लोग हैं। संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर का सम्मान सर्वोपरि है और हम हाईकोर्ट में उनकी प्रतिमा जरूर लगवाएंगे।”

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लगी अंबेडकर प्रतिमा का उदाहरण देते हुए पूछा,

“अगर सुप्रीम कोर्ट में मूर्ति लग सकती है, तो हाईकोर्ट में क्या दिक्कत है?”


? “RSS फैला रहा है नफरत, BN राव के नाम पर भ्रम”

दिग्विजय सिंह ने अपने भाषण में आरएसएस (RSS) को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे “BN राव” के नाम पर जनता को गुमराह कर रहे हैं।

“कोई BN राव को नहीं जानता। संघ के लोग झूठ फैला रहे हैं कि संविधान उन्होंने नहीं बल्कि हमारे वर्ग के व्यक्ति ने लिखा। ये शर्मनाक है। इतिहास से छेड़छाड़ करना बंद करो संघियों!”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरएसएस इस देश में “अनैतिक कब्जा” करने की कोशिश कर रहा है और समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांट रहा है।


? खुद को बताया सनातनी, पर सवाल उठाए आज के ‘सनातनियों’ पर

दिग्विजय सिंह ने खुद को proudly “सनातनी हिंदू” बताया। लेकिन आज की ‘विकृत सनातन सोच’ की आलोचना करते हुए कहा,

“सनातन धर्म में वर्ण व्यवस्था जाति नहीं बल्कि कर्म आधारित थी। पर आज लोग जन्म आधारित जातियों पर लड़ रहे हैं। ये हमारे धर्म का अपमान है।”

उन्होंने कहा कि मनु स्मृति की बात करने वाले लोग सिर्फ अपने फायदे के लिए सनातन को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।


? “मुझे सबसे ज्यादा गालियां मिलती हैं, लेकिन मैं नहीं डरता”

दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि

“सोशल मीडिया पर मुझे जितनी गालियां मिलती हैं, शायद किसी को नहीं पड़ती। पर ये गालियां मेरी विचारधारा को नहीं डिगा सकतीं।”

उन्होंने कहा कि आज जब नफरत का बाजार फैला है, तब राहुल गांधी का ‘मुहब्बत की दुकान’ खोलने का विचार ही देश को जोड़ सकता है।


?‍⚖️ “हजारों सालों का अन्याय एक सदी में नहीं मिटता”

दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में हो रहे जातिगत अन्याय का भी मुद्दा उठाया।

“अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के जजों को एक साजिश के तहत हटाया जा रहा है। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब मैंने हमेशा वंचित वर्ग का साथ दिया। मुझे मालूम है कि सच बोलने पर गालियां मिलती हैं, पर मैं पीछे नहीं हटता।”


? विवाद का दायरा बढ़ा, विपक्ष और दलित संगठन हुए सक्रिय

ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर अब सिर्फ सामाजिक या सांस्कृतिक मुद्दा नहीं रहा। यह अब एक राजनीतिक और सामाजिक सम्मान का विषय बन चुका है।

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी इस पर कड़ा बयान देते हुए कहा कि

“यह अब संविधान निर्माता के सम्मान का सवाल है।”

वामपंथी संगठनों, ओबीसी, एससी-एसटी संगठनों, और डीएमके सांसद पी विल्सन समेत कई नेताओं ने सम्मेलन में हिस्सा लेकर समर्थन जताया।


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? निष्कर्ष: क्या राजनीति से हटकर हो पाएगा समाधान?

Digvijay Singh Speech- ✊  अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये मामला कानून के दायरे में रहकर सुलझेगा या राजनीति इस आग को और भड़काएगी?
दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता की एंट्री के बाद यह तय है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा गूंजेगा, और हो सकता है कि इससे आगामी चुनावों की दिशा भी प्रभावित हो।


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