FII selling in India- शेयर बाजार में सुनामी! विदेशी निवेशक बना रहे बिकवाली का नया रिकॉर्ड, जानिए क्यों भारत से भाग रहा है पैसा
विदेशी निवेशक भारतीय शेयर क्यों बेच रहे हैं (Why are foreign investors selling Indian shares?)
FII selling in India-

विदेशी निवेशक भारतीय शेयर क्यों बेच रहे हैं (Why are foreign investors selling Indian shares?)
मुख्य बिंदु:
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विदेशी निवेशकों (FIIs) ने इस साल भारतीय शेयर बाजार से 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड निकासी की है।
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यह बिकवाली का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जबकि साल खत्म होने में अभी चार महीने बाकी हैं।
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महंगे वैल्यूएशन और चीन-यूरोप के बाजारों में बेहतर अवसरों के चलते FIIs भारत से पैसा निकाल रहे हैं।
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एक्सपर्ट्स ने अगले कुछ महीनों तक बाजार में सीमित तेजी की आशंका जताते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
FII selling in India- नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए खतरे की घंटी बज गई है। एक तरफ जहां वैश्विक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल टेंशन का माहौल है, वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाजार की टेंशन और बढ़ा दी है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने इस साल अब तक भारतीय शेयर बाजार से ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक के शेयर बेच डाले हैं। यह अब तक किसी एक साल में हुई सबसे बड़ी बिकवाली है, और चिंता की बात यह है कि यह रिकॉर्ड तब बना है जब साल 2024 खत्म होने में अभी चार महीने से ज्यादा का समय बाकी है।
FII selling in India- सवाल यह है कि जो विदेशी निवेशक कुछ समय पहले तक भारतीय बाजार पर मेहरबान थे, वे अचानक यहाँ से भाग क्यों रहे हैं?
आखिर क्यों भारतीय बाजार से मुंह मोड़ रहे FIIs?
FII selling in India- इसके पीछे एक नहीं, बल्कि कई बड़ी वजहें हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनियों की सुस्त पड़ती कमाई, भारतीय बाजार का महंगा वैल्यूएशन, बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और दूसरे विदेशी बाजारों में मिल रहे आकर्षक मौके, ये कुछ ऐसे कारण हैं जिन्होंने भारतीय बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों का क्रेज कम कर दिया है।
भारत से निकालकर, कहाँ लगा रहे हैं पैसा?
FII selling in India- यह एक दिलचस्प विरोधाभास है कि जहां FIIs भारतीय सेकेंडरी मार्केट (शेयरों की खरीद-बिक्री) से रिकॉर्ड पैसा निकाल रहे हैं, वहीं वे भारत के प्राइमरी मार्केट यानी IPO में जमकर पैसा लगा रहे हैं। इसकी वजह है IPO में मिलने वाला 15-20% का लिस्टिंग गेन, जो उन्हें शॉर्ट टर्म में तगड़ा मुनाफा दे रहा है।
अगर दूसरे बाजारों से तुलना करें तो तस्वीर और साफ हो जाती है:
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भारत: सेंसेक्स और निफ्टी इस साल लगभग 4% चढ़े हैं।
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अमेरिका: S&P 500 और Nasdaq लगभग 12% मजबूत हुए हैं।
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यूरोप: FTSE, DAX जैसे इंडेक्स 20% से ज्यादा उछले हैं।
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एशिया: जापान का निक्केई 18%, हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सैंग 29% और चीन का CSI 200 भी 10% उछल चुका है।
साफ है कि विदेशी निवेशकों को भारत के मुकाबले चीन, अमेरिका और यूरोप के बाजार सस्ते वैल्यूएशन और बेहतर रिटर्न के कारण ज्यादा आकर्षक लग रहे हैं।
बाजार के जानकारों ने दी चेतावनी
FII selling in India- घरेलू ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज के सनी अग्रवाल का कहना है कि चीन का बाजार कई सालों तक कमजोर प्रदर्शन के बाद अब विदेशी निवेशकों को आकर्षक लग रहा है। वैल्यूएशन के हिसाब से भारतीय बाजार अपने 10 साल के औसत से भी महंगा है, जबकि चीन का बाजार अभी भी वाजिब दामों पर उपलब्ध है।
इक्विरस एसेट मैनेजमेंट के साहिल शाह ने चेतावनी दी है कि भारत को लेकर अमेरिकी नीतियों में किसी भी बदलाव का असर हमारे निर्यात पर पड़ सकता है, जो अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं होगा।
वहीं, असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स के रिसर्च हेड सिद्धार्थ भामरे का मानना है कि अगली 2-3 तिमाहियों में भारतीय बाजार में सीमित तेजी या गिरावट ही देखने को मिल सकती है। उन्होंने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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FII selling in India- (अस्वीकरण: ऑनलाइन बुलेटिन डॉट इन पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।)

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