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अंतरराष्ट्रीय जैविक विविधता | Newsforum

©वंदिता शर्मा, शिक्षिका, मुंगेली, छत्तीसगढ़


 

जैसे कि आप सभी इस बात से अवगत हैं कि अंतरराष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस 22 मई को मनाया जाता है। अब हम आप सभी को यह बताते हैं कि जैविक विविधता क्या होता है। जैव हो या जीव विभिन्नता का मतलब क्या होता है। जीव-जंतुओं में पाई जाने वाली विभिन्नताएं ही जैव विविधता लाती हैं। इसमें जीव जंतुओं पक्षी या दूसरे जानवर ये सभी जैव विविधता में आते हैं। जैसे जल में रहने वाले पौधों को देखेंगे तो वह अलग मिलेंगे व उसमें पाए जाने वाले जीव भी अलग मिलेंगे। उसी प्रकार मैदानी क्षेत्रों में भी पाए जाने वाले पौधों और जंतुओं में विविधता पाई जाती है। यही जीव विविधता कहलाती है। यानी यह भी कहा जा सकता है कि किसी भी जीव-जन्तु के रहन-सहन और खान-पान और दृष्टि अन्य जीवों से अलग होती है।

अनुवांशिक विविधता के आधार पर भी एक ही प्रजाति के जीव-जंतुओं, जानवरों, पक्षियों में अगर किसी भी प्रकार की विभिन्नता पायी जाती है तो उसे अनुवांशिकी विविधता कहा जाता है। एक ही प्रजाति में भी विभिन्नता पायी जाती है। चाहे वो आपस के भाई-बहन ही क्यों न हो। जैसे कभी ऊंचाई को लेकर, कभी रंग को, पसंद चेहरे की बनावट, खान-पान और यहां तक कि बात करने के लहजे में भी विविधता पाई जाती है।

 

प्रजाति जैव विविधता जो किसी विशेष समय में, किसी विशेष जगह पर दो या दो से अधिक प्रजाति का पाया जाना प्रजाति जैव विविधता कहलाता है। मान लीजिए आपके पास गाय, बकरी, कुत्ता या अन्य प्रकार के जीव एक ही समय में एक ही जगह पर विभिन्न प्रकार के प्रजातियों के जीव आपके पास हैं तो यह प्रजातियां जैव-विविधता में आती है। समृद्ध प्रजाति के जीव एक ही समक्ष पर है या दो से अधिक प्रजाति की होती है। जिस प्रजाति की संख्या अधिक होती है वह समृद्ध प्रजाति का होता है। जैसे किसी के पास 20 गाय और 10 कुत्ता है तो गाय समृद्ध प्रजाति मानी जाएगी। उसी प्रकार किसी विशेष समय सभी जीवों की संख्या समान हो उसे समप्रजाति जीव माना जाता है। ठीक उसी प्रकार से अगर किसी विशेष समय पर किसी विशेष जगह पर बहुत सारी प्रजातियां होती है और उन सभी में अनेक प्रकार की विभिन्नताएं होतीं हैं तो उनको वैश्विक जैव विविधता कहा जाता है।

 

किसी विशेष पारिस्थितिकी तंत्र में अगर जीवों में विभिन्नता पारी जाए तो उसे पारिस्थितिक जैव विविधता कहा जाता है। पारिस्थितिक तंत्र एक ऐसा तंत्र है जिसमें सजीव और निर्जीव में अंतर स़भी रखते हैं और सजीव और निर्जीव में जो अंतर्संबंधों की प्रक्रिया होती है उसे ही पारिस्थितिक तंत्र कहा जाता है। पारिस्थितिक कई प्रकार के होते हैं। जलीय, मैदानी, साथ पारिस्थितिक तंत्र अलग अलग होते हैं।

 

जैव विविधता की उपयोगिता

 

हमारे लिए जैव विविधताएं उपयोगिता किस प्रकार फायदेमंद है। इसके लिए जैव विविधता जरूरी है। जैसे पृथ्वी का संतुलन बनाए रखने एक सी महत्वपूर्ण योगदान है जो पारिस्थितिकी तंत्र होता है। उसमें एक खाद्य जाल होता है। उस खाद्य जाल से बहुत में बहुत से जीव आते हैं। जैसे शाकाहारी जीव, मांसाहारी जीव। पौधों को शाकाहारी जीव खाते हैं। दूसरे जीवों को मांसाहारी जीव खाते हैं। इस प्रकार पृथ्वी का संतुलन बना रहता है। यदि एक दूसरे जीवों को नहीं खाएंगे तो पृथ्वी में इनकी संख्या बहुत बढ़ जाएगी। इसलिए जैव विविधता पृथ्वी के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। उसी प्रकार खाद्य सामग्री का संतुलन बनाए रखने में जैव विविधता का होना जरूरी है। जैसे कि अनाज, दाल, फल-फूल आदि खाने से ही दूसरे खाने योग्य चीजें मिलती हैं। जैसे हम मांस खाते है, पशुओं से हमें दूध, मक्खन, घी मिलता है। इसलिए जैव विविधता में खादय सामग्री हमारे लिए फायदेमंद है।

 

आप सभी जानते हैं कि औषधि बनाने के लिए बहुत सारे पेड़-पौधे और जीव-जंतुओं का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए जैविक विविधता में इनका हमारे जिंदगी में होना बहुत जरूरी है। इन सबके कारण ही हमारे पृथ्वी की सुंदरता बढ़ती है। जैसे की हमारे चारों तरफ बहुत से मनोहारी पेड़-पौधे लगे हुए हैं। जिसके कारण हमारा घर भी इस पुष्प वाटिका से शोभायमान है। पृथ्वी की सुंदरता बनाए रखने के लिए जैविक विविधता का महत्व है।

 

धार्मिक रीति-रिवाजों के आधार पर भी कई पादपों को पूजित किया जाता है। जैसे तुलसी, पीपल बरगद, गाय, बैल आदि की पूजा-अर्चना की जाती है। जो कि हमारे धार्मिक परम्पराओं के आधार पर जरूरी है। इसलिए हर क्षेत्रों में जैविक विविधता हमारे लिए महत्वपूर्ण है और इनकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।


परिचय- एमएबीएड, खेलकूद में रुचि, नेशनल, यूनिवर्सिटी स्तर व्हॉलवाल, निवास बिलासपुर सम्मान- शिक्षक सम्मान छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ शासन शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षादूत सम्मान, प्रतिबिम्ब कार्यक्रम अंतर्गत जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान, “विज्ञान शिक्षण में तकनीक एवं कबाड़ से नवाचार में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रशस्ति-पत्र, राज्य स्तरीय अक्षय शिक्षा प्रबोधक सम्मान, नेशनल कान्फ्रेंस इन लीडर फॉर क्वालिटी इम्प्रूवमेंट इन स्कूल न्यू दिल्ली में छत्तीसगढ़ से लीडरशीप हेतु चयन, पढ़ाई तुंहर दुवार के अंतर्गत खिलौना प्रतियोगिता में मुंगेली जिले में प्रथम स्थान, गरीब बच्चों के लिए शिक्षकीय कार्य करने हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के करकमलों द्वारा.


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