.

पत्थर के भगवान patthar ke bhagavaan

©डॉ. संतराम आर्य

परिचयवरिष्ठ साहित्यकार, नई दिल्ली, जन्म 14 फरवरी, 1938, रोहतक।


 

 

मंदिर को छोड़ो

बाहर तो आओ

 

देखो तो जरा

मेरा हाल क्या है

 

उनमें है शक्ति

करूं क्यों मैं भक्ति

 

सलाखों के पीछे

तेरी मजाल क्या है

 

सामने ही तेरे

क्यों मरते हैं मेरे

 

फिर क्यों मैं पूजूं

तेरी ढाल क्या है

 

ये तो आडंबर है सारे

तुम तो पंडों के प्यारे

 

वे बनाएं देवदासी

यह तेरी चाल क्या है

 

मंदिर को छोड़ो

बाहर तो आओ

 

देखो तो जरा

मेरा हाल क्या है …

 

 

डॉ. संतराम आर्य

Dr Santram Arya

 

 

lord of stone

 

 

leave the temple
come out then

look at it
how is my condition

they have power
why should i do devotion

behind bars
what’s your fun

in front of you
why do i die

then why should i worship
what is your shield

It’s all a hoax
you are dear to pandas

they make devadasi
what is your move

leave the temple
come out then

look at it
How is my condition…

 

 

 

डूंगरपुर में अनुसूचित जाति राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुन्नीलाल के गरासिया मुख्य आतिथ्य में सामाजिक कार्यक्रम संपन्न doongarapur mein anusoochit jaati raashtreey upaadhyaksh chunneelaal ke garaasiya mukhy aatithy mein saamaajik kaaryakram sampan

 

 

 

 

 

शान है तिरंगा | Newsforum
READ

Related Articles

Back to top button