गणतंत्र दिवस | ऑनलाइन बुलेटिन डॉट इन

©अशोक कुमार यादव

परिचय- राष्ट्रीय कवि संगम इकाई के जिलाध्यक्ष, मुंगेली, छत्तीसगढ़.


 

 

आओ साथी मिलकर सभी गणतंत्र दिवस मनाएंगे।

स्वतंत्रता, समता, एकता और अखंडता को अपनाएंगे।।

नया सूर्योदय, नया प्रभात, उमंग और उत्साह होगा।

देश प्रेम की भावना लिये जन-जन में उल्लास होगा।।

हर हाथों में तिरंगा झंडा लहराता प्रभात फेरी निकलेगी।

भारत माता की जयगान मुख से वंदे मातरम निकलेगी।।

शांति, साहस, सत्य और पवित्रता के ध्वजा फहराएंगे।

आओ साथी मिलकर सभी गणतंत्र दिवस मनाएंगे।।

वीर जवानों और अधिनायकों के कुर्बानी को याद करो।

भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब को याद करो।।

व्यक्ति बने समाजवादी मन में हो बंधुत्व की भावना।

न्याय, अवसर और अधिकार मिले यही है कामना।।

बच्चे, जवान और वृद्ध मिलकर राष्ट्रगान हम गाएंगे।

आओ साथी मिलकर सभी गणतंत्र दिवस मनाएंगे।।

 

ये खबर भी पढ़ें:

Republic Day 2023 : भारतीय गणतंत्र के लिए खतरे, 74 वें गणतंत्र दिवस 2023 पर विशेष | ऑनलाइन बुलेटिन डॉट इन


Check Also
Close
Back to top button