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तेरा मेरा भगवान | ऑनलाइन बुलेटिन

©राजेंद्र सजल


 

मेरा प्याला अलग

तेरा प्याला अलग

मेरी रोटी अलग

तेरी रोटी अलग

मेरा निवाला अलग

तेरा निवाला अलग

फिर हृदय की हूक एक कैसे हो

तू बता ! तेरी -मेरी भूख एक कैसे हो

तेरे हिस्से ख़ुशबू -ख़ुशबू

मेरे हिस्से बदबू -बदबू

तेरे हिस्से निर्मल नीर

मेरा कहाँ उसमें सीर

गंदले पानी के भात मेरे

तेरी हांडी में पकती खीर

तेरी- मेरी जीत- हार एक कैसे हो

बोल ! तेरी -मेरी जय जयकार कैसे हो

तेरी रीत अलग

मेरी रीत अलग

तेरी प्रीत अलग

मेरी प्रीत अलग

तेरे पत्थर के दर- दीवार

मेरी गारे की भीत अलग

तेरी- मेरी बात एक कैसे हो

बोल ! तेरी- मेरी बरसात एक कैसे हो

मेरा छुआ अलग

तेरा छुआ अलग

तेरा दुख अलग

मेरा दुख अलग

तेरा- मेरा काज एक कैसे हो

बोल ! तेरा- मेरा राज एक कैसे हो

तू पिछला जन्म थोप रहा

मैं इस जन्म को भोग रहा

तू पत्थर को पूज रहा

मैं जंजालों से जूझ रहा

तेरा -मेरा भोग- पकवान एक कैसे हो

बोल! तेरा मेरा भगवान एक कैसे हो ?

 

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