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तिरंगे की शान निराली tirange kee shaan niraalee

मजीदबेग मुगल

©मजीदबेग मुगल “शहज़ाद” 

परिचय- वर्धा, महाराष्ट्र


 

 

 

देश भक्ति

 गज़ल

देखीं तिरंगे की शान सब से निराली है।

भारत की जनता इसकी देखी भाली है।।

 

हिफाजत में तिरंगे की दे देती जान वो ।

चाहे रहें वो झोली हमेशा खाली है ।।

 

चारों सीमाओ पे लहराता अपना तिरंगा।

उसकी सुरक्षा में लगी सेना की जाली है।।

 

कश्मीर से कन्याकुमारी पूरब पश्चिम।

वो कौन जिसनें तिरंगे की बात टाली है।।

 

जल अली वायु सेना के आगे तिरंगा।

पुरे देश का वहीँ एक तो लगें वाली है।।

 

तिरंगे का महोत्सव हम सभी मनायेंगे।

लगें जैसें मना रहें ईद और दीवाली है।।

 

वतन में सबकी जान साथ तिरंगे का मान।

फर्ज अपनी जान देकर करें रखवाली है।।

 

गीत संगीत से सज़ा दे उसकी शाम को ।

रात मे सूरज दिखें रात अंधेरी टाली है ।।

 

‘शहज़ाद ‘ कायम रहें तिरंगे की शान हरदम।

सभी ने अपना फर्ज समझ बात पाली है।।

 

 

 

 

 

 

 

मजीदबेग मुगल

Majidbeg Mughal


 

 

patriotism

Ghazal

Saw the pride of the tricolor is unique from all.
The people of India have seen it well.

 

She would give her life in defense of the tricolor.
Regardless, that bag is always empty.

 

Our tricolor is waving on all the four borders.
There is a lattice of army engaged in his security.

 

Kashmir to Kanyakumari East West.
Who is the one who has avoided talking about the tricolor?

 

Tricolor in front of Jal Ali Air Force.
There is only one person in the whole country.

 

We will all celebrate the festival of tricolor.
Feel like celebrating Eid and Diwali.

 

Tricolor with everyone’s life in the country.
Do your duty by giving your life.

 

Punish his evening with song and music.
See the sun in the night, the night is dark.

 

May the ‘Shahzad’ remain the pride of the tricolor at all times.
Everyone has done their duty understanding.

 

 

विश्व आदिवासी दिवस अर्थात मूलनिवासी दिवस vishv aadivaasee divas arthaat moolanivaasee divas

 

 

 

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